
हैदराबाद, 23 सितंबर . कर्नाटक Government ने Wednesday को तेलंगाना के जुराला प्रोजेक्ट के लिए कृष्णा नदी का पानी छोड़ने पर सहमति जताई.
तेलंगाना Government के अनुरोध पर, कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने पुराने महबूबनगर जिले में खड़ी फसलों को बचाने के लिए नारायणपुर बांध (कृष्णा नदी पर स्थित) से जुराला प्रोजेक्ट तक चरणों में तीन टीएमसी पानी छोड़ने पर सहमति व्यक्त की.
यह निर्णय तब लिया गया जब पुराने महबूबनगर जिले के मंत्रियों जुपल्ली कृष्णा राव और वकाती श्रीहरि तथा अन्य जन-प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने Bengaluru में कर्नाटक के Chief Minister से मुलाकात की.
तेलंगाना के मंत्रियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जुराला प्रोजेक्ट के तहत किसानों को आ रही समस्याओं के बारे में बताया और शिवकुमार से पानी छोड़ने का अनुरोध किया.
तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के लिए कृष्णा नदी का पानी छोड़ने के अनुरोध को स्वीकार करने के लिए अपने कर्नाटक समकक्ष शिवकुमार का आभार व्यक्त किया.
Chief Minister रेवंत रेड्डी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह दो अलग-अलग राज्यों के बीच आपसी सद्भाव का एक बेहतरीन उदाहरण है और India के लोगों के प्रेम और भाईचारे को दर्शाता है.
तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक से अनुरोध किया था कि वे 30 दिनों तक लगातार 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ें, ताकि जुराला, भीमा, नेत्तेमपाडु और कोइलसागर प्रोजेक्ट्स के तहत 5.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलों को बचाया जा सके.
Tuesday को तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान, कर्नाटक के Chief Minister ने आश्वासन दिया था.
इस आश्वासन के बाद, मंत्री वकती श्रीहरी ने Wednesday सुबह सिंचाई अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों की सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए जुराला प्रोजेक्ट से पानी छोड़ें.
मंत्री के निर्देश पर, अधिकारियों ने गेट खोले और जुराला से नहरों में पानी छोड़ा.
पुराने महबूबनगर जिले के किसान पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और अधिकारियों से अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे.
विपक्षी पार्टियों बीआरएस और भाजपा ने भी आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में जोगुलम्बा गडवाल जिले में प्रोजेक्ट के पास विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे.
अधिकारियों ने पानी न छोड़ने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि ऊपर की तरफ से पानी की आवक कम होने के कारण जल स्तर कम है.
मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने कहा कि Government किसानों से कम बारिश से निपटने के लिए सूखे को सहने वाली फसलें उगाने की अपील कर रही है. उन्होंने बताया कि यह स्थिति अल नीनो के असर के कारण पैदा हुई है.
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एमएस/