
Bengaluru, 16 सितंबर . कर्नाटक के उपChief Minister और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने Wednesday को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि राज्य में India निर्वाचन आयोग की ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग वजहों से दूसरी जगहों पर चले गए लोगों का नाम वोटर लिस्ट से न हटाया जाए.
विधान सौधा में सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट की प्रोग्रेस रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए उपChief Minister परमेश्वर ने कहा कि राज्य भर में 43.81 लाख वोटरों की मैपिंग का काम अभी पूरा होना बाकी है.
उन्होंने कहा कि नामों में सुधार और वोटर लिस्ट से जुड़ी दूसरी समस्याओं के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि कोई भी योग्य वोटर वोटर लिस्ट से छूट न जाए.
उन्होंने कहा, “परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट (पीआरसी) जारी करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए. फॉर्म 6 पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए. ऐसी संभावना है कि जो वोटर अपनी मूल जगहों को छोड़कर कई सालों से कहीं और रह रहे हैं, वे वोटर लिस्ट से छूट सकते हैं. इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.”
उपChief Minister परमेश्वर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एसआईआर प्रोसेस के तहत दूसरी जगहों पर चले गए लोगों की जरूरी जानकारी दर्ज करें.
उपChief Minister परमेश्वर ने अधिकारियों को ‘India जोड़ो युवा संघ’ के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में तेजी लाने का भी निर्देश दिया और इसे Chief Minister डीके शिवकुमार की एक अहम पहल बताया.
उन्होंने कहा, “संघों के रजिस्ट्रेशन, मेंटर्स की नियुक्ति और संगठनों को शुरू करने के प्रोसेस में तेजी लाई जानी चाहिए. तकनीकी दिक्कतों के कारण यह प्रोसेस रुक गया था. एप्लीकेशन फॉर्म तुरंत बांटे और भरे जाने चाहिए.”
उन्होंने कहा कि ‘India जोड़ो युवा संघ’ प्रोग्राम देश में पहली बार लागू किया जा रहा है और इससे Government और अधिकारियों को पहचान मिलेगी.
उन्होंने अधिकारियों को ‘प्रजासेवा अभियान’ के तहत मिली एप्लीकेशन के निपटारे में तेजी लाने का निर्देश दिया और कहा कि बड़ी संख्या में एप्लीकेशन रेवेन्यू डिपार्टमेंट से जुड़ी हैं.
उन्होंने कहा कि आरटीसी में सुधार, पेंशन से जुड़ी समस्याओं और रेवेन्यू से जुड़े दूसरे मामलों की एप्लीकेशन का जल्द से जल्द निपटारा किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आरटीसी और फोडी मामलों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बना दिया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सीनियर अधिकारियों से सलाह लें और जहां भी कोई दिक्कत हो, वहां आगे की कार्रवाई करें.
उपChief Minister परमेश्वर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन देने के प्रोग्राम को नजरअंदाज न करें.
उन्होंने कहा कि इस स्कीम को जनता से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. कुछ जिलों में जमीन की पहचान का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “साइट विकसित करने के लिए जमीन की पहचान करने का काम इस महीने के आखिर तक पूरा हो जाना चाहिए. इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए. सीनियर अधिकारी तकनीकी मदद देंगे.”
इस बैठक में रेवेन्यू डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आरके कटारिया, डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी मनोज कुमार मीना, रेवेन्यू कमिश्नर मीना नागराज और सर्वे, सेटलमेंट और लैंड रिकॉर्ड्स डिपार्टमेंट के कमिश्नर वेंकटराज समेत कई अधिकारी शामिल हुए.
बता दें कि India के चुनाव आयोग की कर्नाटक में एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ‘अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, मृत और अन्य’ (एएसडीडीओ) कैटेगरी के तहत 1.07 करोड़ से ज्यादा नाम (कुल वोटरों का लगभग 19.5 प्रतिशत) हटा दिए गए थे.
इसके अलावा, 43.80 लाख वोटरों को गड़बड़ियों के लिए नोटिस भेजे जाने के लिए चिह्नित किया गया था, जिससे लोगों में काफी चिंता और Political हलचल पैदा हो गई.
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एससीएच/डीकेपी