कनाडा रणनीतिक उलझन और अमेरिकी दबाव का शिकार, हमारे खिलाफ तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा तथ्य: ईरान

तेहरान, 8 सितंबर . ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने Tuesday को कनाडा की व‍िश्‍वसनीयता पर सवाल उठाए. उन्‍होंने कहा क‍ि कनाडा एक तरफ शांति और सुरक्षा, समुद्री मार्गों की आजादी की बात करता है और दूसरी तरफ दबाव में आकर अमेर‍िका की कार्रवाई का समर्थन करता है.

बाघेई ने कहा क‍ि कनाडा खुद अमेरिका की अविश्वसनीय नीतियों से पीड़ि‍त है, फ‍िर भी उसके दवाब में हमारे ख‍िलाफ तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने वाले बयान दे रहा है. यह स्‍थ‍ित‍ि रणनीतिक उलझन और दबाव के आगे झुकने का प्रदर्शन है.

बाघेई ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट किया, ”जिस दिन अमेरिका के President ने कनाडा की संप्रभुता और स्वतंत्रता की खुली अनदेखी करते हुए पूरे कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बताया, उसी दिन कनाडा के विदेश और वित्त मंत्रियों ने अपने दबाव बनाने वाले पड़ोसी को और खुश करने का रास्ता चुना. इस बार उन्होंने ईरान के खिलाफ ऐसा बयान दिया, जो हमारे क्षेत्र की स्थिति से जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है.”

उन्‍होंने कहा क‍ि कनाडा अच्छी तरह जानता है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने से पहले होर्मुज स्‍ट्रेट खुला और सुरक्षित था.

बाघेई ने कहा क‍ि कनाडा एक तरफ खुद को ‘शांति और सुरक्षा’, ‘समुद्री मार्गों की आजादी’ और ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ का समर्थक बताता है, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और हमारे क्षेत्र में उसकी गैरकानूनी दखलअंदाजी वाली नीतियों का समर्थन करता है. ऐसे में उसके दावे भरोसेमंद नहीं लगते.

उन्‍होंने कहा, कनाडा ने खुद भी अमेरिका की अविश्वसनीय नीतियों का अनुभव किया है और जानता है कि अमेरिका के वादे कितने अस्थायी हो सकते हैं. अगर वास्तव में समुद्री मार्गों की आजादी ही मुख्य मुद्दा है, तो फिर कनाडा, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और आर्थिक दबाव का समर्थन क्यों कर रहा है? वह अमेरिका की आक्रामक नीतियों, नाकेबंदी और आर्थिक युद्ध को खत्म करने की मांग क्यों नहीं करता? यह न तो कूटनीति है और न ही जिम्मेदार शासन का उदाहरण. यह रणनीतिक उलझन और दबाव के आगे झुकने का प्रदर्शन है. ऐसा फैसला कनाडा को भी अमेरिकी दबाव और आक्रामक रवैये से बचा नहीं पाएगा.

एवाई/वीसी

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