ऑपरेशन ग्रिप: 14 साल से फरार हत्या का आरोपी गिरफ्तार, तमिलनाडु से दबोचा गया

कन्नूर, 19 सितंबर . केरल के कन्नूर में वर्ष 2012 के एक हत्या मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार Police ने गिरफ्तार कर लिया है. कन्नूर सिटी Police की विशेष जांच टीम ने आरोपी सी आनंद को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित कंगायमपालयम इलाके से गिरफ्तार किया. वह काक्कमपालम निवासी मणिकंदन की हत्या के मामले में प्रमुख आरोपी है.

Police के मुताबिक, घटना 2 दिसंबर 2012 की शाम करीब 7:15 बजे अझिकोड पंचायत के काक्कमपालम स्थित इस्माइल क्वार्टर्स के पास हुई थी. आरोप है कि मणिकंदन पर लाठी-डंडे से हमला किया गया था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं. बाद में उनकी मौत हो गई थी.

इस हत्याकांड में वलपट्टनम Police ने आनंद को गिरफ्तार किया था. हालांकि, जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया. Police ने उसकी तलाश में कई जगह छापेमारी और खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद अदालत ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था.

जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आनंद मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था. इससे Police के लिए उसे ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था.

Police की जांच में यह भी सामने आया कि आनंद तमिलनाडु के सुलूर Police स्टेशन क्षेत्र में वर्ष 2021 में दर्ज एक अन्य हत्या मामले में भी आरोपी है.

विशेष जांच टीम को खुफिया जानकारी मिली थी कि आनंद कभी-कभी कोयंबटूर के कंगायमपालयम स्थित एक घर में आता है. इसके बाद Police ने गुप्त रूप से उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया.

लगातार निगरानी के बाद Police ने आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने की पुष्टि की. मौका मिलते ही विशेष जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे कंगायमपालयम इलाके से गिरफ्तार कर लिया.

यह गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन ग्रिप’ के तहत की गई. कार्रवाई कन्नूर रेंज के डीआईजी के. कार्तिक आईपीएस की निगरानी और कन्नूर सिटी Police कमिश्नर विजय India रेड्डी आईपीएस के निर्देश पर की गई.

नारकोटिक सेल के एसीपी वीवी मनोज और कन्नूर टाउन एसीपी असद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम पिछले कई महीनों से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी.

Police के अनुसार, आरोपी लंबे समय तक एक जगह पर नहीं रहता था और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से भी बचता था. इसी कारण वह कई वर्षों तक Police की पकड़ से बाहर रहा. आखिरकार लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और गुप्त निगरानी के जरिए Police उस तक पहुंचने में कामयाब हुई.

एएमटी/डीकेपी

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