
संयुक्त राष्ट्र, 24 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी बेहद व्यस्त कूटनीतिक बैठकों के बीच चार यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की. इन बैठकों में वैश्विक मुद्दों और आर्थिक सहयोग पर चर्चा हुई.
Wednesday को ग्लोबल साउथ के देशों के विदेश मंत्रियों के अलग-अलग समूहों के साथ जयशंकर की तीन बैठकें थीं. इन्हीं के बीच उन्होंने चारों यूरोपीय विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं.
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष पर विचार साझा किए. इसके अलावा Prime Minister Narendra Modi की मई में द हेग की यात्रा के बाद हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई.
Prime Minister मोदी की उस यात्रा के दौरान India और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था.
नीदरलैंड, स्लोवेनिया और फिनलैंड यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य हैं. India ने जनवरी में ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सहमति बनाई थी, जिसे दिसंबर में औपचारिक रूप दिया जाना है. इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ जयशंकर की अलग-अलग बैठकों में इस समझौते पर भी बात हुई.
फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन के साथ हुई बैठक को लेकर जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि दोनों ने मौजूदा भू-Political और टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों पर विचार साझा किए.
उन्होंने कहा, “हमारे द्विपक्षीय संबंध और यूरोपीय संघ के साथ हमारा सहयोग मजबूत बना हुआ है.”
स्लोवेनिया के विदेश मंत्री टोन काइजर ने जयशंकर के साथ बैठक के बाद ‘एक्स’ पर कहा, “हम द्विपक्षीय रणनीतिक और Political संबंधों के साथ-साथ आर्थिक और निवेश सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं.”
उन्होंने कहा कि हम खास सेक्टरों पर ध्यान देने वाले एक आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के साथ India की यात्रा पर काम कर रहे हैं.
जयशंकर ने बताया कि उन्होंने भारत-ईयू एफटीए को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने के साथ पैदा हो रहे व्यापार और निवेश के नए मौकों पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि बैठक में ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी, रक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई.
अंडोरा की विदेश मंत्री इम्मा टोर फॉस के साथ द्विपक्षीय बैठक में जयशंकर ने व्यापार और निवेश, जलवायु परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मुद्दों पर चर्चा की. जयशंकर ने कहा कि हमने अपने बहुपक्षीय सहयोग के बारे में भी बात की.
दिनभर की व्यस्त बैठकों के दौरान जयशंकर ने कई बहुपक्षीय समूहों के विदेश मंत्रियों के साथ भी बातचीत की. इनमें कैरेबियाई देशों के 15 सदस्यीय कैरीकॉम, 14 सदस्यीय फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (एफआईपीआईसी) और एल.69 समूह शामिल थे.
एल.69 में ग्लोबल साउथ के 30 से ज्यादा देश शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. इस बैठक में अफ्रीकी देशों के सी-10 समूह के नेता ने भी हिस्सा लिया.
–
एवाई/वीसी