एसआईआर पर विपक्ष को केवल हारने पर ही आपत्ति क्यों होती है: भूपेंद्र यादव

दरभंगा, 5 नवंबर . केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने Thursday को बिहार के दरभंगा में विपक्षी गठबंधन पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने पर ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाता है, जबकि जीतने वाली सीटों पर चुप्पी साध लेता है. उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है.
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के दौरान पोलो ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी रही है. वैशाली का गणतंत्र दुनिया के लिए एक बड़ा उदाहरण है. लोकतंत्र जनता के मुद्दों को उठाने और उसका सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का माध्यम है. उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है. वर्ष 1950 से अब तक आठ बार यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्तमान में नौवीं बार पुनरीक्षण किया जा रहा है. इसका उद्देश्य मृत व्यक्तियों के नाम हटाना और एक से अधिक जगहों पर दर्ज नामों को ठीक करना है.
उन्होंने कहा कि मतदाता बनने के लिए 18 वर्ष की आयु और India का नागरिक होना आवश्यक है. Union Minister ने आरोप लगाया कि एसआईआर का विरोध करने वाले लोग घुसपैठियों के पक्ष में खड़े हैं. उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान किसी का नाम मनमाने तरीके से नहीं काटा जा सकता. Political दलों के बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं. उन्होंने दावा किया कि बिहार में राजद के 35 हजार और कांग्रेस के 17 हजार बीएलए थे, जबकि अन्य दलों के भी प्रतिनिधि मौजूद थे. इसके बावजूद आपत्तियों की संख्या केवल दो रही. उन्होंने कहा कि ये आंकड़े उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में दर्ज हैं.
भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष उच्चतम न्यायालय भी गया था, जहां जांच के बाद इसे निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया गया. उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी दस्तावेज देने पड़ते हैं. Government ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया है, ताकि गरीबों को परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चुनाव हुए हैं. केरल में कांग्रेस की Government बनी और तमिलनाडु में भी चुनाव हुए. ऐसे में विपक्ष को बताना चाहिए कि वह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख क्यों अपनाता है.
Union Minister ने कांग्रेस पर आपातकाल लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए के नेताओं ने लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष किया है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ने का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर लोकतंत्र के नाम पर झूठा हमला करने और सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया.
यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने, देश की अखंडता बनाए रखने और घुसपैठियों को दूर करने के लिए भाजपा सड़क पर उतरी है. पदयात्रा लहरियासराय टावर, लोहिया चौक, बकरगंज और जीएन गंज जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरा. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
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एमएनपी/डीकेपी


