एशिया दौरे पर किम जोंग-उन से मिल सकते हैं ट्रंप, आसियान और एपेक में लेंगे हिस्सा

वॉशिंगटन, 13 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले महीने एशिया दौरे के दौरान उनकी उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से मुलाकात हो सकती है.

व्हाइट हाउस में पत्रकार वार्ता में ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह इस यात्रा के दौरान किम से मिलने की योजना बना रहे हैं. इस पर उन्होंने जवाब दिया, “हां, हो सकता है.” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसी मुलाकात कहां और कब हो सकती है.

व्हाइट हाउस के हवाले से न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप 16 नवंबर को फिलीपींस की राजधानी मनीला में होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इसके बाद वह चीन के शेनझेन जाएंगे, जहां 17 से 19 नवंबर तक एपेक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा. चीन में ट्रंप की इस साल तीसरी बार चीनी President शी जिनपिंग से मुलाकात होने की उम्मीद है.

ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह किम जोंग-उन से दोबारा मिलना चाहते हैं. अगस्त में उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक उनकी किम से मुलाकात होगी. जब उनसे पूछा गया था कि क्या वह 2026 में किम से मिलेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया था, “हां, बिल्कुल मिलूंगा.”

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अगस्त में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से जल्द से जल्द, संभव हो तो इसी शरद ऋतु में, किम के साथ बैठक की व्यवस्था करने को कहा था. रिपोर्ट में शेनझेन में होने वाले एपेक सम्मेलन को संभावित जगह के तौर पर बताया गया था. हालांकि, अब तक न तो वॉशिंगटन और न ही प्योंगयांग ने किसी संभावित बैठक की आधिकारिक घोषणा की है.

ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में किम जोंग-उन से तीन बार मिल चुके हैं. जून 2018 में सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक बैठक में ट्रंप उत्तर कोरिया के किसी नेता से मिलने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी President बने थे. उस दौरान दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी.

फरवरी 2019 में वियतनाम की राजधानी हनोई में दोनों नेताओं की दूसरी शिखर वार्ता हुई, लेकिन यह किसी समझौते के बिना खत्म हो गई.

इसके बाद जून 2019 में ट्रंप ने पनमुनजोम स्थित असैन्य क्षेत्र (डीएमजेड) में उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखा था. ऐसा करने वाले वह पहले मौजूदा अमेरिकी President बने थे. उसके बाद बातचीत की प्रक्रिया ठप पड़ गई और उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखा.

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एवाई/एएस

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