एशियन पैरा गेम्स: 5वें एशियन पैरा गेम्स का समापन, मोना और निषाद ने लहराया तिरंगा

नागोया, 24 अक्टूबर . मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में Saturday को ‘आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स’ का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसके साथ एक सप्ताह तक चली यह प्रतियोगिता संपन्न हो गई. क्लोजिंग सेरेमनी में पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और एथलीट निषाद कुमार India के ध्वजवाहक रहे, जिन्होंने इस संस्करण में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो-दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए.
जापान में पहली बार आयोजित इन खेलों में 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग 4,000 एथलीट और स्टाफ सदस्य शामिल हुए. एशियन पैरा गेम्स की शुरुआत ‘फार ईस्ट एंड साउथ पैसिफिक गेम्स फेडरेशन फॉर द डिसेबल्ड’ से हुई थी, और इसका पहला संस्करण साल 2010 में चीन के ग्वांगझू में आयोजित किया गया था. आइची-नागोया में हुआ यह आयोजन इसका पांचवां संस्करण था, जबकि 2030 में छठा संस्करण दोहा में आयोजित किया जाएगा.
एशियन पैरा गेम्स 2026 में India ने कुल 114 पदकों (30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य) के रिकॉर्ड के साथ अपना सफर पूरा किया. यह 2023 में हांगझोऊ में जीते गए 111 पदकों (29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य) के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बेहतर है.
President द्रौपदी मुर्मू ने Saturday को एशियन पैरा गेम्स 2026 में India के पैरा-एथलीट्स की अभूतपूर्व सफलता की सराहना करते हुए social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “यह बहुत खुशी और गर्व की बात है कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 114 पदकों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या के साथ अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. टीम इंडिया की कड़ी मेहनत, लगन और खुद पर पक्के विश्वास से मिली यह असाधारण सफलता एक मिसाल कायम करती है. यह हमारे युवाओं को प्रेरित करती है कि वे मुश्किलों से न डरें, बड़े सपने देखें, पूरी लगन से काम करें और हमेशा सकारात्मक रहें. मैं एक बार फिर पूरी भारतीय टीम को हार्दिक बधाई देती हूं.”
भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन किया. पैरा बैडमिंटन में, पैरालंपिक चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 फाइनल में अपने ही देश के खिलाड़ी और मौजूदा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा, महिला युगल वर्ग (एसएल3-एसयू5 इवेंट) में India की थुलसिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने चीन की यांग किउक्सिया और जिओ ज़ुक्सियान को 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. थुलसिमथी और नित्या श्री सुमति सिवन ने क्रमशः महिला एकल एसयू5 और एसएच6 इवेंट में रजत पदक जीते.
पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह और पहली बार हिस्सा ले रहे विजय सुंडी ने पुरुषों के रिकर्व डबल्स में स्वर्ण पदक जीता, जबकि भावना और पूजा ने महिला रिकर्व डबल्स में रजत पदक हासिल किया. एशियाई पैरा खेलों में इस इवेंट में India का यह पहला पदक है.
India के पैरा-एथलीट्स ने एथलेटिक्स में विश्व-रिकॉर्ड प्रदर्शन भी किए. हनी ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और टी37 कैटेगरी में विश्व रिकॉर्ड बनाया. पहली बार हिस्सा ले रहे संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में 52.28 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड कायम किया, जबकि इसी इवेंट में अजय कुमार ने कांस्य पदक जीता.
अंतिल ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ42-एफ44/एफ61-एफ64 स्पर्धा में 72.46 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता (टी44 कैटेगरी में). महेंद्र गुर्जर ने टी42 कैटेगरी में 59.03 मीटर की दूरी के साथ ‘गेम्स रिकॉर्ड’ बनाते हुए रजत पदक जीता, जबकि संदीप संजय सरगर ने टी44 कैटेगरी में 64.48 मीटर के ‘गेम्स रिकॉर्ड’ के साथ कांस्य पदक हासिल किया. इस तरह पोडियम पर तीनों स्थानों पर भारतीय खिलाड़ी रहे.
प्रणव सूरमा ने पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में 32.87 मीटर के ‘गेम्स रिकॉर्ड’ के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि धर्मबीर ने कांस्य पदक हासिल किया. नवदीप ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ40/एफ41 स्पर्धा में 42.55 मीटर की दूरी के साथ कांस्य पदक जीता और संदीप ने पुरुषों की 100 मीटर टी44 स्पर्धा में 11.67 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता. इस तरह उन्होंने अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, एक कांस्य पदक और एक विश्व रिकॉर्ड के साथ किया.
पैरा शूटिंग में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 इवेंट में 357.5 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने इस दौरान विश्व और एशियाई पैरा गेम्स के रिकॉर्ड भी बनाए. वह इन खेलों में इस इवेंट में पदक जीतने वाली पहली भारतीय पैरा-शूटर बन गईं.
India के पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी जहान दोराब मदान और शुभम वाधवा ने पुरुषों के डबल्स एमडी4 इवेंट में कांस्य पदक जीता. 50 साल की उम्र में, मदान इस संस्करण में पदक जीतने वाले भारतीय दल के सबसे उम्रदराज सदस्य रहे.
पैरा तैराक हिमांशु नंदन ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में 1:05.90 के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया. इसके साथ ही, इन खेलों में उनके पदकों की कुल संख्या तीन कांस्य पदक हो गई है.
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आरएसजी


