एलजेपी का प्रतिनिधिमंडल बिहार के डीजीपी से मिला, चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

Patna, 2 सितंबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है.

एलजेपी (रामविलास) के सात सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने Wednesday को बिहार के Police महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की.

राज्य अध्यक्ष विवेक विश्वास के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी और पार्टी विधायक राजू तिवारी भी शामिल थे.

प्रतिनिधिमंडल ने सरदार पटेल भवन में डीजीपी से मुलाकात की और पासवान को मिली धमकी, अब तक Police द्वारा की गई कार्रवाई और उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की.

पार्टी नेताओं ने Police से आग्रह किया कि धमकी देने वाले व्यक्ति की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

उन्होंने पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और उनकी सुरक्षा को और मजबूत करने की भी मांग की.

बैठक के बाद विवेक विश्वास और राजू तिवारी ने कहा कि Police ने मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने बताया कि डीजीपी विनय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को पूरा सहयोग और जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

पार्टी नेताओं के अनुसार, चिराग पासवान को एक पत्र के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी.

Police अभी उस व्यक्ति की पहचान करने और उसे खोजने की कोशिश कर रही है जिसने यह संदेश भेजा है.

एलजेपी (रामविलास) ने धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और Union Minister की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा करने की मांग की है.

इससे पहले, पार्टी ने चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी संपर्क किया था.

Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी ने Political और प्रशासनिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है.

खबरों के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को बिना हस्ताक्षर वाला एक संदेश मिला, जिसमें दावा किया गया कि पासवान को जल्द ही ‘कट्टर आतंकवादियों’ द्वारा मार दिया जाएगा और इसमें दो मोबाइल नंबरों का भी जिक्र था.

इस घटनाक्रम के बाद, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर धमकी के स्रोत, सच्चाई और उससे जुड़ी परिस्थितियों की तत्काल और गहन जांच की मांग की.

पत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि चिराग पासवान को अभी गृह मंत्रालय की ओर से जेड-श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.

एमएस/

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