
New Delhi, 26 अगस्त . केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक राष्ट्र, एक चुनाव असंवैधानिक है और कांग्रेस का जमीर इसे लागू करने की इजाजत नहीं देता है.
Union Minister ने Wednesday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आखिर आप किस जमीर की बात कर रहे हैं. एक राष्ट्र एक चुनाव 1952 , 1957, 1962 में हुए. इसके बाद कांग्रेस ने असंवैधानिक तरीके से Governmentों को गिराने की कोशिश की. इसके बाद यह व्यवस्था बिगड़ी. 1983 में विधि आयोग ने कहा था कि एक साथ Lok Sabha और विधानसभा का चुनाव एक साथ होना जरूरी है. चुनाव आयोग खुद इस बात को कह रहा है. 1918 में फिर से विधि आयोग ने यह बात कही. आखिर यह सब कुछ असंवैधानिक कहां से हो गया? पूर्व President रामनाथ कोविंद ने इस संबंध में देश भर के चिंतकों से चर्चा की. इसके बाद वह रिपोर्ट तैयार हुई , जिसमें एक राष्ट्र एक चुनाव की रिपोर्ट को प्रतिपादित किया गया है.
उन्होंने कहा कि पहले Lok Sabha और विधानसभा के चुनाव हो. इसके बाद 100 दिन के अंदर बाकी के चुनाव भी संपन्न हो जाने चाहिए. इस तरह की पूरी रूपरेखा निर्धारित करके उसे धरातल पर उतारा जाना चाहिए. लगातार चुनाव होने से ना महज Government का खर्चा बढ़ाता है, बल्कि विकास से संबंधित कार्य भी शिथिल होते हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे देश में कोई काम हो या ना हो. लेकिन, एक काम जरूर होता है और वह है अगले काम की तैयारी. विकास के काम आचार संहिता लागू होने की वजह से रुक जाते हैं. लोकलुभावन घोषणाएं विकास को बाधित करने का काम करती हैं. Prime Minister, Chief Minister , सांसद और विधायक अपना सारा समय विकास के कार्य में झोंक देते हैं. सभी प्रशासनिक अधिकारी सारे काम छोड़कर चुनाव के काम में ही लगे रहते हैं. इससे विकास कार्य ठप हो जाता है.
उनके मुताबिक, आज की तारीख में यह समय की जरूरत है कि एक साथ Lok Sabha और विधानसभा के चुनाव होने चाहिए. कांग्रेस का जमीर दूसरा विषय है. लेकिन, राष्ट्रहित हमारे लिए जरूरी है. हम उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते हैं.
–
एसएचके/एएस