उरई मेडिकल कॉलेज का विवाद गहराया, दूसरे दिन भी 300 नर्सिंग छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी

Lucknow, 23 सितंबर . उत्तर प्रदेश के जालौन के उरई स्थित Governmentी मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग छात्रों का एमबीबीएस इंटर्न के साथ कथित झड़प को लेकर करीब 300 नर्सिंग छात्रों ने Wednesday को विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा के आश्वासन की मांग की. इस दौरान इमरजेंसी और क्लिनिकल सेवाएं प्रभावित हुईं.

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक नर्सिंग छात्रा ने समाचार एजेंसी को बताया कि मैं बीएससी नर्सिंग की इंटर्न हूं. विरोध प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है. झड़प का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि दो नर्सिंग इंटर्न के साथ एमबीबीएस के छात्रों द्वारा बदसलूकी की गई है.

इसके लिए हम उन सभी छात्रों के नाम और उनकी खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में फिर से इस प्रकार की घटना न हो. इसी के साथ हम कॉलेज कमेटी और प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर ठोस कदम उठाने की मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तो इसी तरह से विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

बीएससी नर्सिंग के एक अन्य इंटर्न ने कहा कि धरना प्रदर्शन का दूसरा दिन है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हमारे दो सहपाठियों के साथ मारपीट हुई है, इसको लेकर अभी तक न कोई बातचीत, न सुनवाई और न ही कोई कार्रवाई हो रही है. यहां हमारी सुरक्षा को लेकर किसी को कुछ पता नहीं है. उलटा, हमारे ही बैच के तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नर्सिंग छात्रों के साथ झड़प की, प्रशासन को उनका नाम तक पता नहीं है. ये लोग सिर्फ और सिर्फ हमें गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. इनके द्वारा हमारे लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.

बीएससी नर्सिंग के तीसरे वर्ष के एक छात्र अमन सिंह ने कहा कि Wednesday को उनके धरने का दूसरा दिन है. हमारी मांग है कि इस घटना में जिन लोगों की गलती है, वे क्षमा मांगें. इसी के साथ संस्थान प्रशासन की ओर से उन्हें सस्पेंड किया जाए. हम लगातार यहां अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. हमने कमेटी के सामने अपनी बातें और मांगें रखी हैं, लेकिन कमेटी हमारे लिए कोई काम नहीं कर रही है. इसके अतिरिक्त, कमेटी ने तीन नर्सिंग इंटर्न को सस्पेंड कर दिया है.

छात्र ने कहा कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तो वह कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे. उन्होंने कहा कि हमें न्याय चाहिए. यहां नर्सिंग के इंटर्नस को सस्पेंड किया गया है. कॉलेज प्रशासन हमारा साथ नहीं दे रहे हैं. यहां नर्सिंग छात्रों के साथ बदसलूकी हो रही है. उन्हें परेशान किया जा रहा है. यहां इंटर्न दिन-रात काम करते हैं, लेकिन उन्हें एक रुपए का स्टाइपेंड तक नहीं मिलता है. लोग नर्सिंग छात्रों को यहां हीन भावना से देखते हैं.

डीके/पीएम

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