उमेश यादव ने विदर्भ छोड़ा, एनओसी मिलने के बाद नई घरेलू टीम की तलाश में

New Delhi, 20 सितंबर . India के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने मौजूदा घरेलू सीजन में विदर्भ का साथ छोड़ने और कहीं और नए मौके तलाशने का फैसला किया है. 38 वर्षीय उमेश ने विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) से अपना ‘नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) हासिल कर लिया है.

एक सूत्र ने Sunday को ‘ ’ को बताया, “उन्हें विदर्भ से आधिकारिक तौर पर एनओसी मिल गया है और वह अभी अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. उमेश की बातचीत अभी दो-तीन राज्य संघों (खासकर छोटे राज्यों) के साथ चल रही है, हालांकि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है. वह नागपुर से New Delhi लौट आए हैं, जहां वह आजकल ज्यादातर समय बिताते हैं. आने वाले दिनों में अपनी अगली घरेलू क्रिकेट टीम के बारे में अंतिम फैसला लेंगे.”

माना जा रहा है कि इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने पहले वीसीए सिलेक्शन पैनल से पूरी तरह फिट होने के बाद टीम में अपनी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई पक्का जवाब नहीं मिला. कुछ महीने पहले स्थानीय विदर्भ टी20 प्रीमियर लीग में खेलने के बावजूद, मौजूदा अनिश्चितता के कारण उमेश ने विदर्भ छोड़ने का फैसला किया.

“उमेश घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए एक नई राज्य टीम की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि वह अब विदर्भ के लिए नहीं खेलना चाहते हैं. मामले की जानकारी रखने वाले एक और सूत्र ने को बताया, “उन्होंने दूसरे मज़बूत राज्यों में जाने के लिए कुछ लोगों से मदद मांगी थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.”

उमेश ने आखिरी बार जून 2023 में ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में India के लिए खेला था, जिसमें टीम को हार का सामना करना पड़ा था. उनके नाम 57 टेस्ट मुकाबलों में 170 विकेट हैं. घरेलू मैदान पर खेले गए 32 टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने 25.88 की औसत से 101 विकेट लिए हैं.

उमेश यादव का साल 2018 से घरेलू हालात में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है; उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 18.25 की बेहतरीन औसत से 43 विकेट लिए हैं. इस दौरान दो बार पारी में पांच विकेट और एक बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया है. उमेश ने सभी फॉर्मेट के कुल 141 मैच खेले, जिसमें 288 विकेट चटकाए. मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2015 में, उमेश 17.83 की औसत से 18 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट हासिल करने वाले गेंदबाजों की सूची में तीसरे पायदान पर रहे.

आरएसजी

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