
New Delhi, 30 सितंबर . 2020 के दिल्ली दंगा मामले से जुड़ी बड़ी साजिश के आरोप में गिरफ्तार उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने Wednesday को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि Supreme Court के पिछले आदेश को देखते हुए वह अभी जमानत नहीं दे सकते. जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई की.
दरअसल, उमर खालिद और शरजील इमाम ने कड़कड़डूमा ट्रायल कोर्ट के 4 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका तीसरी बार खारिज कर दी गई थी. ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में Supreme Court के जनवरी 2026 के उस आदेश का हवाला दिया था, जिसमें इन्हें तत्काल नियमित जमानत देने से इनकार किया गया था.
Supreme Court ने इन दोनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह छूट दी थी कि यदि मामले के सुरक्षित और गोपनीय गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं या फिर Supreme Court के आदेश के एक साल पूरे हो जाते हैं और ट्रायल में देरी होती है, तो वे निचली अदालत में दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं.
इस मामले में दिल्ली Police ने दोनों की जमानत का कड़ा विरोध किया है. Police ने इन दोनों को दिल्ली दंगों का ‘मास्टरमाइंड’ और ‘कमांड अथॉरिटी’ बताया है. Police का कहना है कि इनकी जमानत अर्जी समय से पहले और कानूनन गलत है.
बता दें कि 22 सितंबर को दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद छात्र नेता शरजील इमाम को उसके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी थी. यह अंतरिम जमानत 4 से 10 अक्टूबर तक मिली है. गौरतलब है कि उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी साजिश के मामले में लंबे समय से जेल में हैं. उन पर दंगे की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं.
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वीकेयू/पीएम