उज्बेकिस्तान में युवा सांसदों के वैश्विक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राघव चड्ढा

New Delhi, 3 सितंबर . भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा 4 से 6 सितंबर तक उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाले 12वें इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियंस में भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए उन्हें India के उपPresident द्वारा भारतीय प्रतिनिधिमंडल में नामित किया गया है.

राघव चड्ढा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करने का अवसर उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए उपPresident के प्रति आभार भी व्यक्त किया.

उन्होंने बताया कि इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) की स्थापना वर्ष 1889 में हुई थी और इसका मुख्यालय जिनेवा में स्थित है. यह दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी संसदीय संस्था है, जिसमें 180 सदस्य संसदें और 15 एसोसिएट सदस्य शामिल हैं.

इस वर्ष सम्मेलन की थीम “अशांत समय में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और गरिमा की पुनर्स्थापना” रखी गई है. तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर के युवा सांसद युवाओं के अधिकार, संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मानवाधिकार, डिजिटल अधिकार और ऑनलाइन सुरक्षा, जलवायु न्याय एवं लचीलापन तथा युवाओं के लिए आर्थिक अवसर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे.

राघव चड्ढा ने कहा कि India दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां विश्व की सबसे युवा आबादी निवास करती है. ऐसे में इन सभी मुद्दों पर भारतीय संसद के पास दुनिया के साथ साझा करने के लिए महत्वपूर्ण अनुभव हैं और साथ ही अन्य देशों से सीखने का भी अवसर है.

उन्होंने यह भी कहा कि Prime Minister Narendra Modi की हालिया सफल उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को संसदीय स्तर पर आगे बढ़ाने में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

डीएससी

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