ईरान और ओमान के बीच बनी सहमत‍ि, होर्मुज स्‍ट्रेट के नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा तैयार

तेहरान/दोहा, 13 सितंबर . ईरान के अधिकारियों ने बताया है कि ईरान और ओमान ने होर्मुज स्‍ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है. दोनों देश Monday को मस्कट में होने वाली एक क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे.

अर्ध-Governmentी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह समझौता ईरान और ओमान के बीच लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत के बाद हुआ. अगस्त के आखिर में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी.

सूत्र के मुताबिक, नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा. वहीं निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा.

सूत्र ने कहा कि यह मार्ग ईरान की ओर से तय की गई व्यवस्थाओं के तहत संचालित होगा. नया सिस्टम लागू होने के बाद जलमार्ग के दक्षिणी मार्ग को बंद कर दिया जाएगा. सूत्र के अनुसार, अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा था कि दक्षिणी मार्ग खुला रहना चाहिए.

सूत्र ने यह भी साफ किया कि इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्‍ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा.

उसने कहा कि जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए ईरान ने 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बता दी गई हैं.

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र ने कहा कि जब तक उन शर्तों को लागू नहीं किया जाता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा. उसके अनुसार, इसे दोबारा खोलने का फैसला पूरी तरह अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने Friday को बताया कि खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक Monday को ओमान में होने वाली है. इस बैठक में क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित समुद्री मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत भी शामिल है.

Saturday को मीडिया से बात करते हुए बाघेई ने कहा कि उम्मीद है कि इस बैठक में खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों के अलावा ईरान और इराक के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे.

उन्होंने कहा, “कार्यसूची के तहत हम प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे.”

उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने यह बातचीत इसलिए की क्योंकि वे होर्मुज स्‍ट्रेट के दोनों तटीय देश हैं.

पिछले महीने के अंत में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि उन्होंने एक चरणबद्ध योजना पर विचार-विमर्श किया है. इस योजना में जलडमरूमध्य के भीतर अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है.

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था. वहीं अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने या वहां से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी.

होर्मुज स्‍ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है.

ओमान और ईरान इस जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित हैं. समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देश लंबे समय से आपसी बातचीत और सहयोग बनाए हुए हैं.

एवाई/एएस

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