
इंदौर, 19 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) के इंदौर सब जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद और मंदसौर में स्थित अचल संपत्तियों को अटैच किया है.
इन संपत्तियों की कीमत 90 लाख रुपए से ज्यादा है. ईडी ने इस संबंध में प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है.
ईडी ने यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई First Information Report के आधार पर शुरू की थी. यह First Information Report वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल और अन्य के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज की गई थी.
यह मामला करीब 70 करोड़ रुपए की कमर्शियल मात्रा में मेफेड्रोन (एमडी) के अवैध कब्जे और तस्करी से जुड़ा है.
पीएमएलए के तहत की गई जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अवैध नशीली दवाओं की तस्करी के जरिए नकद में अपराध से भारी कमाई की. इस नकद को कई निजी और बिजनेस बैंक खातों के जरिए घुमाया गया.
वित्तीय जांच में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन का पता चला है, जो अपराध से हुई कमाई को व्यवस्थित तरीके से रखने, लेयरिंग और छिपाने की ओर इशारा करता है. जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से भी पता चला है कि आरोपी अपने नियमित कारोबार के अलावा नशीली दवाओं की सप्लाई और तस्करी में भी शामिल थे.
इससे पहले, ईडी ने 17 जुलाई को Madhya Pradesh के इंदौर और मंदसौर में कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था. ईडी ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. आरोपी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं. ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है.
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वीकेयू/एएस