
इंदौर, 10 सितंबर . Madhya Pradesh की व्यापारिक नगरी इंदौर में साइबर अपराध सहित अन्य मुसीबत में आने वाले बच्चों और महिलाओं को एक ही स्थान पर कानूनी और तकनीकी सहायता सुलभ कराने के लिए साइबर वेलनेस सेंटर की शुरुआत की गई है. बताया गया है कि साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल नुकसान का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों को अब इंदौर में एक ही स्थान पर काउंसलिंग से लेकर कानूनी और तकनीकी सहायता तक मिल सकेगी.
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने Wednesday को केंद्र का उद्घाटन किया. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अहान फाउंडेशन के प्रोजेक्ट रिस्पॉन्सिबल नेटिज्म और कोगटा फाउंडेशन के सहयोग से साइबर वेलनेस सेंटर का इंदौर में शुभारंभ किया गया है. केंद्र का उद्देश्य साइबर घटनाओं के पीड़ितों और सर्वाइवर्स को तत्काल, मुफ्त और संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश में डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के लिए मजबूत सहायता तंत्र तैयार करना है.
इस केंद्र में साइबर नुकसान से प्रभावित लोगों को मुफ्त काउंसलिंग, मनो-सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता, तकनीकी और कानूनी मार्गदर्शन तथा साइबर घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराने में सहयोग मिलेगा. इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और समुदायों के लिए साइबर वेलनेस, डिजिटल रेजिलिएंस और साइबर अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे.
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाने के लिए Government, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं है, बल्कि इससे जुड़े मामलों में पीड़ितों को मानसिक और भावनात्मक सहारे की भी जरूरत होती है.
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एसएनपी/डीकेपी