
New Delhi, 30 सितंबर . इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने Wednesday को बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. विपक्षी नेताओं ने सीईसी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वे कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव में धांधली के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली और सभी नेताओं ने अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि बैठक में सभी दलों ने इस मुद्दे पर मिलकर और मजबूती से लड़ाई लड़ने पर सहमति जताई. उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने भी ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया.
खड़गे ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सदस्य 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. उन्होंने बताया कि विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में President से मिलने का समय मांगेंगे और उन्हें संस्थाओं के कथित तरीके से अधिग्रहण किए जाने के संबंध में जानकारी देंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर में इंडिया ब्लॉक की ओर से पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी. इनके स्थान और तारीखों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी. खड़गे ने कहा कि अब लोग राहुल गांधी और ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को स्वीकार कर रहे हैं.
खड़गे ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आयोग के कुछ सदस्य केवल ‘मोहरों’ की तरह काम कर रहे हैं और Prime Minister Narendra Modi तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें कठपुतली की तरह संचालित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस लड़ाई को एकजुट होकर लड़ेंगे.
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन कथित ‘वोट चोरी’ के इस ‘बड़े घोटाले’ के खिलाफ एकजुट है और साथ खड़ा है. ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ और चुनाव में धांधली में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की.
वहीं, Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि वे उन लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए लड़ेंगे, जिन्होंने उनके अनुसार भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का पद या वरिष्ठता मायने नहीं रखती, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है.
राहुल गांधी ने कहा कि बैठक में यह भावना भी सामने आई कि विपक्ष देश की जनता तक यह बात पहुंचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनावों में कथित तौर पर धांधली हो रही है. राहुल गांधी ने कहा कि खासकर युवाओं के बीच यह भावना बढ़ रही है कि देश में जो हो रहा है वह गलत है और इसे रोका जाना चाहिए.
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डीएससी