आर्यवीर सहवाग में पिता की झलक, देश के लिए खेलने की क्षमता है: राजीव नैयर

New Delhi, 25 अक्टूबर . दिल्ली अंडर-19 मेन्स टीम के हेड कोच राजीव नैयर ने कहा कि आर्यवीर सहवाग में India के लिए खेलने की क्षमता है. उन्हें भविष्य में सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए एक बार में एक स्टेप आगे बढ़ने की जरूरत है.
राजीव नैयर ने से कहा, “पहले, वह अच्छा स्कोर कर रहा था, लेकिन वह शुरुआत को शतक में नहीं बदल पा रहा था, इसलिए हमने (गेम से पहले) बात की. मैं ईमानदारी से कह सकता हूं कि उसकी बैटिंग का अंदाज बहुत अच्छा है, लेकिन 40-50 रन तक पहुंचने के बाद, वह अपना विकेट खो रहा था. मैं कमरे में उससे बात कर रहा था और मैंने कहा कि तुम्हें डीडीसीए में दूसरे लड़कों के खिलाफ खेलने की चिंता करने की जरूरत नहीं है.”
उन्होंने कहा, “मैंने आर्यवीर से कहा कि चारों ओर देखो कि कौन रन बना रहा है. राहुल द्रविड़ का बेटा (अन्वय) है, जिसने हमारे खिलाफ 158 और 85-90 रन बनाए. तुम्हारा कॉम्पिटिशन है. मैं यह नहीं कह रहा कि तुम्हें जलना है, लेकिन जान लो कि तुम्हारा कॉम्पिटिशन है. तुम्हें वीनू मांकड़ ट्रॉफी और पूरे देश में देखना होगा और जानना होगा कि तुम्हें सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बनना है. इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम्हें अपने स्कोर को शतक में बदलना होगा. अगर तुम 50 ओवर बैटिंग करोगे तो तुम पक्का 200 रन बनाओगे.”
नैयर ने कहा, “कई लोगों ने मुझसे पूछा है कि क्या वह इंडिया के लिए खेलेगा. मैंने कहा कि अभी तो जल्दी है. इंडिया एक बड़ा देश है और हर कोई क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उसमें खेलने की काबिलियत है. उसे एक बार में एक कदम आगे बढ़ाना होगा. वह अभी भी अंडर-19 टीम में है. शायद वह अंडर-23 में और फिर रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में खेलेगा. फिर वह इंडिया ए के लिए खेलेगा और आखिर में वह रास्ता इंडिया के लिए खेलने की ओर ले जाएगा.”
उन्होंने कहा, “क्रिकेट में दो तरह के बल्लेबाज होते हैं – डिफेंसिव और आक्रामक. आर्यवीर एक आक्रामक बल्लेबाज हैं. वह शॉट लगाते हैं. मैंने उससे कहा कि अगर तुम एक कप्तान के तौर पर मैदान पर रहते हो तो तुम एक मिसाल कायम कर रहे हो. तुम दिखा रहे हो कि तुममें नेतृत्व की खूबियां हैं. तुम्हें दिखाना होगा कि तुम खेल सकते हो. मैं नहीं चाहता कि वह 40 और 50 रन बनाकर अपना विकेट गंवाए और ड्रेसिंग रूम में बाहर बैठे. मुझे यह पसंद नहीं है. हर कोई उसे देख रहा है. उसे सावधान रहना होगा. एक कोच के तौर पर मैं निश्चित रूप से चाहता हूं कि वह हर गेम में स्कोर करे.”
नैयर ने कहा, “आर्यवीर में पिता वीरेंद्र सहवाग की झलक दिखती है. मैं उसका कॉन्फिडेंस देखकर हैरान रह गया. वह पेसर्स के खिलाफ फील्डर्स के ऊपर से बॉल मार रहा था. ज्यादातर बल्लेबाज ऐसा करने से डरते हैं. उसने बिना पैर हिलाए कवर के ऊपर से कुछ शॉट मारे. यह देखना शानदार था.”
उन्होंने कहा, “अगर आर्यवीर ने उस गेम में 173 रन बनाए हैं, तो इसका श्रेय मुझे कोच के तौर पर नहीं जाता. यह उसके पिता और उस कोच को जाता है जो पिछले 5-8-10 सालों से उसके साथ है. मैं क्या कह सकता हूं? मैं अपना अनुभव साझा कर सकता हूं.”
नैयर ने कहा, “एक कोच के तौर पर, मैं कह सकता हूं कि उसमें वह क्वालिटी है. मैं यह नहीं कह रहा कि वह अपने पिता की तरह बैटिंग करता है, लेकिन वह वैसा ही है. वह बहुत कुछ सीख रहा है. वह कुछ शॉट अपने पिता की तरह लगाता है. यह देखना मजेदार है. वह बहुत फोकस्ड है. वह अपना विकेट खोने के बाद किसी से बात नहीं करता. वह एक कोने में बैठकर सोचता है कि उसने क्या किया. वह मुझसे चर्चा भी करता है.”
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि उन्हें एशिया कप के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना जाएगा. मुझे उम्मीद है कि वह अच्छा खेलेंगे. मैंने उससे कहा था कि Pakistan खेलेगा. उसे अच्छा खेलना होगा. आर्यवीर ने एशिया कप में अच्छा करने की ठान ली है. उसने Pakistan के खिलाफ शतक बनाने की बात कही है. मुझे यह सच में पसंद आया. मुझे बस इस बात की चिंता थी कि वह कूच बिहार ट्रॉफी में खेल पाएंगे या नहीं. लेकिन वह उपलब्ध रहेंगे. कम उम्र में खेल के प्रति उनकी जो प्रतिबद्धता है, वो मुझे पसंद है.”
वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी कर रहे आर्यवीर सहवाग ने हाल ही में चंडीगढ़ के खिलाफ 143 गेंदों पर 19 चौकों और 8 छक्कों की मदद से शानदार 173 रन की पारी खेली थी.
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पीएके


