आरएफडीएल: हुगली में साउथ क्लब ने 2 खिताब जीते, त्रिबेनी शिबपुर की बड़ी जीत; दिल्ली लेग में कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स का दबदबा

कोलकाता, 1 नवंबर . हुगली में आयोजित यूथ फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन Sunday को हुआ. इस दौरान प्रत्येक डिवीजन में 21-21 मैच खेले गए, जिसमें साउथ क्लब ने अंडर-8 और अंडर-12 दोनों कैटेगरी में खिताब जीतकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम किया.
अंडर-8 कैटेगरी में, साउथ क्लब 54 अंकों (18 जीत, +66 गोल अंतर) के साथ शीर्ष पर रहा. चिनसुराह जूनियर फुटबॉल कोचिंग कैंप 53 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा. वहीं, अंडर-12 डिवीजन में साउथ क्लब ने 46 अंकों (14 जीत, +56 गोल अंतर) के साथ अपना दूसरा खिताब जीता. बनिचक्र क्लब 43 अंकों के साथ उपविजेता (रनर्स-अप) रहा.
अंडर-10 कैटेगरी में, त्रिबेनी शिबपुर स्पोर्टिंग क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 49 अंकों (15 जीत, 4 ड्रॉ, 2 हार) और +46 गोल अंतर के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की. अंडर-10 डिवीजन में साउथ क्लब 41 अंकों के साथ उपविजेता रहा, जबकि बनिचक्र क्लब 37 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा.
कुल मिलाकर, इस टूर्नामेंट में हुगली के युवा खिलाड़ियों की बेहतरीन प्रतिभा देखने को मिली, जिसमें साउथ क्लब की दोहरी जीत और त्रिबेनी शिबपुर स्पोर्टिंग क्लब का शानदार प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा.
इससे पहले Saturday को, आरएफवाईएस 2026-27 सीजन के तहत दिल्ली सेंटर में टूर्नामेंट के आखिरी दिन, कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स (अंडर-8 और अंडर-10) और इंडिया यूनाइटेड फुटबॉल एकेडमी (अंडर-12) ने रोमांचक मुकाबलों के बाद चैंपियनशिप जीती.
पूरे टूर्नामेंट में कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स सबसे बेहतरीन क्लब साबित हुआ, जिसने तीन में से दो आयु वर्गों में खिताब जीता.
यह टूर्नामेंट तीन आयु वर्गों में खेला गया था. अंडर-8 वर्ग के फाइनल में, कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स ने आरएंडआर फुटबॉल क्लब को 3-1 से हराया. कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स ने अंडर-10 वर्ग में भी जीत हासिल की, जहां उन्होंने खेल खेल में फाउंडेशन को 4-0 से एकतरफा मुकाबले में मात दी. अंडर-12 प्रतियोगिता का फाइनल काफी कड़ा रहा, जिसमें इंडिया यूनाइटेड फुटबॉल एकेडमी ने भगत सिंह फुटबॉल एकेडमी को 3-1 से हराया.
पूरे देश में 54 आरएफडीएल टीमों और 500 से अधिक आरएफवाईएस टीमों के हिस्सा लेने के साथ, इस सीजन में रिलायंस फाउंडेशन की तरफ से आयोजित फुटबॉल के ग्रासरूट टूर्नामेंट्स में 5,500 से ज्यादा मैच खेले जाएंगे. इससे देश भर के युवा फुटबॉलर्स को प्रतिस्पर्धा करने के बेहतरीन मौके मिलेंगे. ये लीग मिलकर एक स्पष्ट रास्ता बनाती हैं: खिलाड़ी अंडर-8 से अंडर-12 लीग से शुरुआत करते हैं, फिर अंडर-14 और अंडर-18 लीग से होते हुए अंडर-21 डेवलपमेंट लीग तक पहुंचते हैं. यह लीग सीनियर नेशनल टीम और क्लब फुटबॉल तक पहुंचने का मुख्य जरिया है.
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आरएसजी


