आने वाले समय में जदयू ही बिहार की राजनीति का केंद्र रहेगी: संजय झा

हाजीपुर, 7 अक्टूबर . बिहार के वैशाली के हिलालपुर में जदयू द्वारा आयोजित ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि आने वाले समय में जदयू ही बिहार की राजनीति का केंद्र रहेगी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के 25 साल के सार्वजनिक जीवन के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच उनके प्रति विश्वास कायम है.

संजय झा ने कहा कि लोगों को चिंता थी कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी का क्या होगा, लेकिन निशांत कुमार जिस सादगी, संवेदनशीलता और बिना किसी अहंकार के जनता के बीच काम कर रहे हैं, उससे कार्यकर्ताओं में नया विश्वास पैदा हुआ है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का काम अगले 100 वर्षों तक याद रखा जाएगा. उन्होंने फरक्का जल संधि को बिहार के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि पार्टी इस विषय को लेकर गंगा किनारे स्थित जिलों में लोगों के बीच जा रही है. उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी, जाति या धर्म का मुद्दा नहीं, बल्कि 13 करोड़ बिहारवासियों के हित से जुड़ा सवाल है.

संजय झा ने कहा कि 1996 में जब फरक्का जल संधि हुई थी, तब बिहार की आबादी करीब सवा आठ करोड़ थी, जबकि आज यह 13 करोड़ से अधिक है. संधि के तहत जनवरी से मई के बीच गंगा में पानी कम रहने के दौरान बांग्लादेश को पानी दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में प्रवेश करने के बाद गंगा के पानी पर सबसे पहला अधिकार बिहार के लोगों की जरूरतों का होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में बाढ़ और सिंचाई की समस्याओं से निपटने में बिहार Government के लाखों करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यदि इन समस्याओं का स्थायी समाधान होता तो यही संसाधन विकास के अन्य कार्यों में लगाए जा सकते थे. आज दक्षिण और उत्तर बिहार के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे जा रहा है और गर्मी के दिनों में पेयजल संकट की स्थिति बनती है.

जदयू नेता ने कहा कि बिहार में नए शहर और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं. Patna, हाजीपुर और सोनपुर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं. ऐसे में उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता जरूरी होगी. उन्होंने कहा कि भविष्य में रोजगार और उद्योगों के विकास के लिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन अनिवार्य है.

संजय झा ने कहा कि उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा राज्यसभा में उठाया था, जिस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक जवाब मिला था. उन्होंने बताया कि केंद्र ने आश्वासन दिया है कि आगे किसी भी निर्णय में बिहार के पेयजल और सिंचाई हितों को ध्यान में रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को संधि की अवधि समाप्त होने के मद्देनजर 2050 की आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिहार के जल अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए.

उन्होंने कहा कि जदयू पिछले 30 वर्षों के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए 12 जिलों में पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चला रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जल अधिकार के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की.

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एमएनपी/डीकेपी

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