आज से भाजपा करेगी पदयात्रा की शुरुआत, कर्नाटक सरकार के विरोध में 10 दिन तक चलेगा विरोध प्रदर्शन

New Delhi, 1 सितंबर . कर्नाटक में भाजपा Tuesday से कांग्रेस के खिलाफ 10 दिन की पदयात्रा शुरू करने जा रही है. यह पदयात्रा 10 सितंबर तक चलेगी और 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी.

पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने Saturday को Bengaluru स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय जगन्नाथ भवन में पदयात्रा के लोगो का अनावरण करते हुए इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि यह मार्च लिंगसुगुर में एक बड़ी जनसभा के साथ शुरू होगा और 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगा. उद्घाटन कार्यक्रम में Union Minister प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे.

भाजपा लगातार कांग्रेस को वाल्मीकि निगम में कथित अनियमितताओं और पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से जुड़े Political मामले को लेकर घेर रही है.

यह पदयात्रा 9 विधानसभा क्षेत्रों (लिंगसुगुर, मास्की, सिंधनूर, करातगी, गंगावती, कम्पली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर) से होकर गुजरेगी.

बी. श्रीरामुलु ने कहा कि भाजपा ने पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के लिए विधानसभा के अंदर और बाहर लड़ाई लड़ी है. उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए बीवाई विजयेंद्र, विपक्ष के नेताओं और विधायकों का धन्यवाद किया.

उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन Chief Minister सिद्दारमैया ने भी माना था कि वाल्मीकि निगम में गड़बड़ियां हुई हैं.

बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि 87 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे और निगम के फंड का Lok Sabha चुनाव के दौरान भाजपा को हराने के लिए अलग-अलग जिलों में दुरुपयोग किया गया.

उन्होंने Chief Minister डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बी. नागेंद्र का बचाव कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के दबाव के बीच Chief Minister ने ही तय किया कि नागेंद्र को इस्तीफा देना चाहिए.

बी. श्रीरामुलु ने बी. नागेंद्र पर पाखंड का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि नागेंद्र भाजपा नेताओं को ‘मनुवादी’ कहते हैं, जबकि 2013 का चुनाव जीतने पर जनार्दन रेड्डी सहित भाजपा नेताओं ने ही उनका समर्थन किया था.

उन्होंने आदिवासी कल्याण निगम के अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि अधिकारी ने इस मामले में धमकी और उत्पीड़न के बाद आत्महत्या की थी.

बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि नागेंद्र को ‘सूटकेस’ देने के बाद मंत्री बनाया गया था और अब उस व्यवस्था की वैधता खत्म हो गई है. उन्होंने दलित नेता के.एन. राजन्ना को कैबिनेट से हटाने पर भी सवाल उठाया और पूछा कि नागेंद्र अब दलितों के लिए ‘घड़ियाली आंसू’ क्यों बहा रहे हैं.

वीकेयू/एएस

Leave a Comment