आज कोई लाल बहादुर शास्त्री जैसा नहीं जो नैतिक आधार पर इस्तीफा दे, ज्ञानेश कुमार पर बोले अनिल शास्त्री

New Delhi, 2 अक्टूबर . पूर्व Prime Minister लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके बेटे अनिल शास्त्री ने उनके नेतृत्व और आज की Government की कार्यशैली के बीच समानता पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर लाल बहादुर शास्त्री और Prime Minister Narendra Modi की सोच में समानता दिखाई देती है.

से बातचीत के दौरान अनिल शास्त्री ने कहा कि जब Pakistan ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके छंब सेक्टर में हमला किया तो शास्त्री जी ने भी सेना को जवाबी हमला करने और उस हमले में लाहौर को भी शामिल करने का निर्देश दिया था. हमारी सेना ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की और लाहौर की ओर बढ़ी थी. इसी तरह मौजूदा दौर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमारी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की और वहां हमला किया तथा काफी चोट पहुंचाई. इस मामले में मेरा मानना है कि दोनों की सोच एक जैसी रही है.

लाल बहादुर शास्त्री की सादगी का जिक्र करते हुए अनिल शास्त्री ने कहा कि उनका जीवन बेहद सादा था, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां और सोच बदलती हैं. शास्त्री जी का जीवन काफी सादा था, लेकिन समय बदलता है और समय के साथ सोच भी बदलती है. वे खादी की धोती और कुर्ता पहनते थे. आज ऐसा नहीं है और आज के नेताओं के मामले में ऐसा हो भी नहीं सकता, क्योंकि जैसा कि मैंने कहा, समय बदलता है और समय के साथ सोच भी बदलती है. Prime Minister Narendra Modi 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र करते हैं और उनके नारे ‘जय जवान, जय किसान’ को याद करते हैं. सभी Governmentें शास्त्री जी का सम्मान सम्मान करती हैं.

पहलगाम की आतंकी घटना के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सही बताते हुए अनिल शास्त्री ने कहा कि यह बिल्कुल सही फैसला था और Pakistan को यह समझना चाहिए कि हम ईंट का जवाब पत्थर से और हथियारों का जवाब हथियारों से देंगे. जम्मू-कश्मीर India का अभिन्न अंग है और हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है. अगर उन्हें लगता है कि वे जम्मू-कश्मीर पर कब्जा कर सकते हैं, तो उनके इरादे हमेशा नाकाम रहेंगे. चाहे वे चीन की मदद लें, किसी और की या अमेरिका की, Pakistan कश्मीर को India से अलग नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि Pakistan को वह इलाका India को लौटा देना चाहिए जिस पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है.

विपक्षी पार्टियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि हमने जो सुना और पढ़ा है, उससे लगता है कि कुछ गलतियां हुई हैं, क्योंकि दूसरे चुनाव आयुक्तों ने 14 आपत्तियां उठाई हैं और कई बार ऐसा हुआ है जब वे सीईसी ज्ञानेश कुमार से सहमत नहीं थे और उन्होंने उनका विरोध किया. इसलिए जनता को यह जानने का हक है कि वे 14 मुद्दे क्या थे जिन पर ज्ञानेश कुमार सहमत नहीं थे.

उन्होंने एसआईआर का जिक्र करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का नाम लिया. उन्होंने कहा कि वह वर्षों से वोट कर रहे हैं और दिल्ली में रहते हैं, उन्हें भी नोटिस दिया गया. सोनिया गांधी के अलावा कई लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें या न दें, आज कोई ऐसा लाल बहादुर शास्त्री नहीं है जो नैतिक आधार पर इस्तीफा दे, जैसा उन्होंने एक रेल दुर्घटना के तुरंत बाद दिया था.

पूर्व Prime Minister लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्होंने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि मेरे पिता लाल बहादुर शास्त्री को न सिर्फ दिल्ली में, बल्कि पूरे देश में याद किया जा रहा है और यह उनकी 122वीं जयंती है. दिल्ली में कई कार्यक्रम हुए, जिनमें से एक आज सुबह विजय घाट पर हुआ, जहां President, उपPresident, Prime Minister, अन्य वरिष्ठ नेता और समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए. इन सभी कार्यक्रमों का एक ही मकसद है. आज उनकी जयंती पर हम लाल बहादुर शास्त्री को सिर्फ एक व्यक्ति के तौर पर ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, उनकी सोच, उनकी विचारधारा, उनकी ईमानदारी और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करें और इस बात पर विचार करें कि इन मूल्यों को आज की पीढ़ी में कैसे उतारा जा सकता है. उनका नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उस समय था.

–

डीकेएम/वीसी

Leave a Comment