
गुवाहाटी, 27 अगस्त . असम Police ने शिवसागर में स्थानीय संगठन ‘बीर लचित सेना’ के नेता मानसज्योति चेतिया की मौत की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई है. इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
शिवसागर Police ने एक एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई है, जिसके प्रमुख शिवसागर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ Police (डीसीपी) लीला बोरा हैं.
टीम को निर्देश दिया गया है कि वह चेतिया की मौत से जुड़ी घटनाओं की जांच करे और मामले से जुड़े आरोपों की पड़ताल करे.
23 अगस्त को हुई एक घटना के दो दिन बाद, 25 अगस्त को चेतिया की मौत हो गई.
घटना के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बाद में चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
Police ने इस मामले में ‘बीर लचित सेना’ की शिकायत में नामजद पांच लोगों को हिरासत में लिया है.
जांच टीम में बोरा, अमगुरी Police स्टेशन के इंचार्ज मृदुल हजारिका और नजीरा Police स्टेशन के दूसरे अधिकारी एसआई(यूबी) सिराज सैकिया शामिल हैं.
सैकिया को इस मामले का जांच अधिकारी भी नियुक्त किया गया है. नजीरा Police स्टेशन की डब्ल्यूएसआई (यूबी) सुमी बर्मन भी एसआईटी का हिस्सा हैं.
यह स्पेशल टीम ऐसे समय में बनाई गई है जब Police चेतिया की मौत से जुड़े हालात पर खास ध्यान दे रही है. जांचकर्ताओं से उम्मीद है कि वे उपलब्ध सबूतों की जांच करेंगे, बयान दर्ज करेंगे और घटना से पहले हुई घटनाओं के क्रम को फिर से समझेंगे.
एसआईटी ‘बीर लचित सेना’ की शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगी और मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका (अगर कोई हो) का पता लगाएगी.
अधिकारियों से उम्मीद है कि वे उन हालात का पता लगाएंगे जिनमें 23 अगस्त की घटना हुई थी और 25 अगस्त को चेतिया की मौत के साथ इसके संबंध का पता लगाएंगे.
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या सबूत शिकायत में लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हैं और क्या घटना से कोई आपराधिक दायित्व बनता है.
एसआईटी के गठन का मकसद एक केंद्रित जांच सुनिश्चित करना है, क्योंकि Police मौत से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए काम कर रही है. आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों और जांच टीम द्वारा जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगी.
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एससीएच/एबीएम