असम ने ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना में समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया: सीएम सरमा

गुवाहाटी, 25 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को कहा कि राज्य Government विकसित भारत-जी राम जी पहल के तहत ‘समुदाय-प्रथम’ (कम्यूनिटी फर्स्ट) दृष्टिकोण अपना रही है, जिसमें गांवों में आजीविका, कनेक्टिविटी और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है.

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि एक विकसित असम का Governmentी विजन जमीनी स्तर पर लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा. Chief Minister ने कहा, “विकसित भारत-जी राम जी के तहत असम ‘समुदाय-प्रथम’ (कम्यूनिटी फर्स्ट) का दृष्टिकोण अपना रहा है. हर गांव के लिए बेहतर आजीविका, बेहतर कनेक्टिविटी, बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.”

उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की प्रक्रिया में सामुदायिक भागीदारी पर जोर देते हुए गांवों में और लोगों के खुद के प्रयासों से ही ‘विकसित असम’ का निर्माण किया जाएगा.

Chief Minister की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब राज्य Government ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के साथ-साथ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के ज्यादा अवसर पैदा करने की कोशिश कर रही है. ‘समुदाय-प्रथम’ दृष्टिकोण इस बात पर जोर देता है कि विकास की पहल ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे और रोजगार के अवसरों, कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सुविधाओं सहित स्थानीय जरूरतों को पूरा करे.

सरमा ने कहा कि गांव राज्य के व्यापक विकास विजन के केंद्र में रहेंगे, और स्थानीय समुदाय विकास की पहलों को आकार देने और उन्हें लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर देने का मकसद गांवों और आस-पास के कस्बों व विकास केंद्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना भी है, ताकि ग्रामीण निवासी बाजारों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच सकें. बेहतर सार्वजनिक स्थानों और गांव की सुविधाओं से जीवन की स्थितियों में सुधार होने और सामुदायिक बुनियादी ढांचे के मजबूत होने की उम्मीद है.

Government एक विकसित असम के अपने व्यापक विजन के मुख्य घटकों के रूप में ग्रामीण विकास और आजीविका सृजन पर जोर देती रही है.

Chief Minister का बयान विकास में स्थानीय भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित करता है. Government ग्रामीणों को सिर्फ कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों के लाभार्थी के तौर पर नहीं, बल्कि असम की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार के तौर पर स्थापित करना चाहती है.

इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाने की राज्य की व्यापक कोशिशों को बल मिलने की उम्मीद है.

सरमा ने कहा कि ‘विकसित असम” का विजन गांव के स्तर से शुरू होगा, जिसमें विकास की बागडोर स्थानीय समुदायों के हाथ में होगी और जिसका मकसद पूरे राज्य के लोगों के लिए बेहतर अवसर और जीवन की स्थितियां पैदा करना होगा.

Chief Minister की पोस्ट ने Government के इस संदेश को और मजबूत किया कि समावेशी ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी असम के विकास एजेंडे के महत्वपूर्ण स्तंभ बने रहेंगे.

एससीएच/डीकेपी

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