अरुणाचल सरकार ने अपर सियांग मेगा हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई

इटानगर, 23 सितंबर . अरुणाचल प्रदेश Government ने Wednesday को सियांग और अपर सियांग जिलों में प्रस्तावित अपर सियांग बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के लिए पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) सर्वेक्षण और संबंधित गतिविधियों के मार्गदर्शन और समन्वय के लिए एक सशक्त उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है.

एसयूएमपी एक विशाल जलविद्युत परियोजना है, जिसकी प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 11,000 मेगावाट है. यह न केवल पूर्वोत्तर राज्य बल्कि पूरे देश के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक महत्व की परियोजना है.

अनुमानित 1.5 लाख करोड़ रुपए की लागत वाली एसयूएमपी परियोजना से सियांग जिले के विकास परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की उम्मीद है. सियांग जिले का नाम शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी से लिया गया है, जिसे अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय रूप से सियांग नदी के नाम से जाना जाता है.

Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि Chief Minister पेमा खांडू के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने Wednesday को एक प्रस्ताव पारित कर सियांग और अपर सियांग जिलों में प्रस्तावित एसयूएमपी के लिए पीएफआर सर्वेक्षण और संबंधित गतिविधियों का मार्गदर्शन और समन्वय करने के लिए सशक्त उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी.

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रस्ताव राज्य Government की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि सर्वेक्षण पारदर्शी, शांतिपूर्ण और जनहितैषी तरीके से किया जाए.

राज्य मंत्रिमंडल ने गौर किया कि केंद्र Government ने 2008 में इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था, जो राष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश के लिए इसके रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है. Chief Minister कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना में जल और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, सियांग-ब्रह्मपुत्र बेसिन में बाढ़ नियंत्रण में सहायता करने, रोजगार सृजन करने और सियांग क्षेत्र के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास में सहयोग करने की क्षमता है.

इस कार्य-प्रक्रिया का मार्गदर्शन करने के लिए प्रस्ताव में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ओजिंग तसिंग की अध्यक्षता में एक सशक्त उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें Chief Minister के सलाहकार अलो लिबांग और विधायक यिंगकिओंग-टुटिंग तथा विधायक ओनी पन्यांग और गेकू-मारियांग सदस्य हैं.

अधिकारी के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने इन जिलों के कुछ वर्गों के लोगों द्वारा कुछ निहित स्वार्थों द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं और दुष्प्रचार के संबंध में उठाई गई चिंताओं पर भी ध्यान दिया और आगे यह संकल्प लिया कि पीएफआर का शांतिपूर्ण आचरण सियांग और ऊपरी सियांग जिलों के निवासियों के साथ निरंतर, सार्थक जुड़ाव पर निर्भर करता है.

मंत्रिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों (पीएएफ) और स्थानीय समुदायों की आवाज, कल्याण और आकांक्षाएं हमेशा से इस प्रक्रिया के केंद्र में रही हैं और रहेंगी.

अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक हितों का सम्मान करने वाले विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और विश्वास व्यक्त किया कि संवाद के माध्यम से सर्वेक्षण शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ेगा, जो सियांग क्षेत्र और राष्ट्र के व्यापक हित में है.

एमएस/

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