
New Delhi, 25 सितंबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
सीबीआई ने उक्त आरोपी और अज्ञात अन्य लोगों के खिलाफ 8 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया था. यह मामला एक बड़े पैमाने पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह से संबंधित है. इसको कथित तौर पर 2024 से Gujarat के Ahmedabad से अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था.
आरोपियों ने आपस में और अज्ञात सहयोगियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी), यूएस अटॉर्नी, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (सीआईएसए) और अन्य संघीय एजेंसियों के अधिकारियों का रूप धारण किया. उन्होंने वीओआईपी संचार के माध्यम से पीड़ितों को झूठी सूचना दी कि उनकी पहचान का दुरुपयोग करके किसी ने उनके कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से बाल पोर्नोग्राफी देखी है. इसके बाद, आरोपियों ने पीड़ितों को अपने बैंक खातों से पैसे निकालने, सोना खरीदने और उसे अमेरिका में उनके द्वारा नियुक्त कूरियर को सौंपने के लिए प्रेरित किया. इस प्रकार, पीड़ितों को बहला-फुसलाकर उनसे 72 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी की गई.
मामला दर्ज होने के बाद, सीबीआई ने Ahmedabad में उक्त आरोपी से जुड़े स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया और डिजिटल साक्ष्य वाले आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए. अवैध कॉल सेंटर की स्थापना और संचालन में मुख्य भूमिका निभाने वाले आरोपी को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले की जांच जारी है.
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एमएस/