अमेरिका, यूके और कनाडा में रहने वाले भारतीय नेपाल में बाढ़ के कारण लापता, परिवारों ने मदद की अपील की

New Delhi, 28 अगस्त . अमेरिका, यूके और कनाडा में रहने वाले भारतीय नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हो गए हैं. ये लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे. उनके परिवारों ने दोनों देशों की Governmentों से मदद की अपील की है.

Gujarat के सूरत के एक परिवार का संपर्क अपने फ्लोरिडा में इंजीनियर बेटे, बेटी और बहू से टूट गया है. ये लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे.

उनकी मां सुशीला पटेल ने से ​​बातचीत के दौरान कहा, “मेरा बेटा, बहू और बेटी 23 अगस्त को नेपाल गए थे और 25 तारीख को मानसरोवर के लिए निकलने वाले थे. हमारी आखिरी बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनका इमिग्रेशन पूरा हो गया है और इसके बाद वे मुझसे बात नहीं कर पाएंगे (क्योंकि वे चीन में प्रवेश कर रहे थे). जब से हमने इस त्रासदी की खबर सुनी है, हम उनके बारे में जानने के लिए लोगों को फोन कर रहे हैं. मेरे दामाद बॉम्बे (Mumbai ) में रहते हैं. उन्‍होंने भी कहा कि उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.”

परिवार ने Government से लापता सदस्यों के बारे में कोई जानकारी देने की अपील की.

छत्तीसगढ़ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी मीना गुप्ता यूके में डॉक्टर हैं और सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यों वाले समूह का हिस्सा थीं. कैलाश मानसरोवर से लौटते समय उनके लापता होने की खबर है.

उनके जीजा ने कहा, “हमने कैलाश मानसरोवर में उनके ‘दर्शन’ के दौरान वीडियो कॉल पर भी बात की थी. उन्होंने आखिरी बार 25 अगस्त को अपने पिता से बात की थी.”

परिवार ने बताया कि समूह के अनुसार, जब यह त्रासदी हुई, तब वह इमिग्रेशन ऑफिस में थीं. बहन ममता मित्तल ने से ​​कहा, “मैं भारतीय और नेपाली अधिकारियों से अपील करती हूं कि वे जल्द से जल्द उनके बारे में कोई भी संभव जानकारी दें.”

Madhya Pradesh के विदिशा की स्वाति बागरेचा भी ईशा फाउंडेशन समूह का हिस्सा थीं और कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान चीन-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद लापता हो गईं. अपने मोबाइल फोन पर उस पवित्र जगह की यात्रा की तस्वीरें दिखाते हुए, उनके भाई डॉ. प्रशांत बगरेचा ने कहा, “वह 8 अगस्त को कनाडा से India आई थीं और उसके बाद नेपाल होते हुए माउंट कैलाश की यात्रा पर गईं. परसों सुबह करीब 9 बजे वह इमिग्रेशन ऑफ‍िस पहुंचीं, और वापसी के रास्ते में…. ग्रुप ने बताया कि उनसे आखिरी बार सुबह 9:05 बजे संपर्क हुआ था और अचानक आई बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.”

भाई ने बताया कि उन्होंने Union Minister शिवराज सिंह चौहान से बात की है और सभी अपनी-अपनी तरफ से मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.

इसी तरह के एक मामले में, पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान के रहने वाले संदीप कुमार गराई भी Wednesday सुबह से संपर्क से बाहर हैं. यह सब विनाशकारी बाढ़ के बाद हुआ.

से ​​बात करते हुए संदीप की पत्नी तिथि गराई परेशान दिखीं. उन्होंने शिकायत की कि उन्हें प्रशासन से अपने पति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है.

उन्होंने कहा, “प्रशासन ने अब तक मेरी कोई मदद नहीं की है. मुझे कोई खबर नहीं मिल रही है. प्रशासन क्या कर रहा है? मैंने Police स्टेशन और एसडीओ ऑफ‍िस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उन्होंने अब तक कोई मदद नहीं की है. बर्धमान Police स्टेशन से मुझे फोन आया था, लेकिन वे बस यही कह रहे हैं कि उन्हें दस्तावेज चाहिए, जबकि हमें अब तक कोई अपडेट नहीं दिया गया है.”

एएसएच/डीएससी

Leave a Comment