अब अयोध्या पर किसी ‘मंथरा’ और ‘मारीच’ की कुदृष्टि नहीं पड़ने दी जाएगी: मुख्यमंत्री

अयोध्या, 8 नवंबर . रामनगरी अयोध्या में भव्य और ऐतिहासिक दीपोत्सव के अगले दिन, दीपावली के पावन पर्व पर Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने रामघाट हॉल्ट के निकट निषाद बस्ती पहुंचकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के साथ खुशियां बांटीं.
Sunday को आयोजित इस विशेष ‘दीपावली मिलन कार्यक्रम’ में Chief Minister ने दलित परिवारों, सफाईकर्मियों, नाविकों (मांझी समाज) और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को अपने हाथों से दीपावली के उपहार और मिठाइयां भेंट कीं.
इस दौरान उन्होंने दीपोत्सव को सफल बनाने और अवधपुरी को स्वच्छ रखने में इन सभी के अमूल्य योगदान को स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने योग्य बताया. इसी आत्मीय आयोजन के मंच से Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की सुरक्षा और मर्यादा को लेकर एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया.
Chief Minister योगी ने कहा, “हमें यह संकल्प लेना होगा कि आने वाले समय में हमारी अयोध्या के वैभव पर किसी ‘मंथरा’ या ‘मारीच’ की कुदृष्टि न पड़े. अयोध्या को फिर से बदनाम करने और यहां के वैभव को लूटने की कोई भी कुचेष्टा अब सफल नहीं होने दी जाएगी. अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी. अब यहां ‘जय श्रीराम’ बोलने पर कोई लाठी-डंडा नहीं चला सकता और न ही पंचकोसी, 14 कोसी या 84 कोसी परिक्रमा पर कोई प्रतिबंध लगा पाएगा.”
Chief Minister ने अयोध्या के सफाईकर्मियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, “कल दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित हुए. देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालु देर रात तक अयोध्या की सड़कों और घाटों पर उमड़ते रहे. लेकिन आज सुबह जब मैं निकला, तो यह देखकर आश्चर्यचकित रह गया कि सभी घाट और सड़कें पूरी तरह स्वच्छ थीं. कहीं कोई गंदगी या अव्यवस्था नहीं थी. इस अद्भुत कार्य और समर्पण के लिए मैं अयोध्या के सभी सफाईकर्मियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं.”
सरयू घाट पर नाविकों के योगदान को सराहते हुए Chief Minister ने कहा, “जब हम सरयू जी की महाआरती कर रहे थे, तब हमारे नाविक बड़ी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहे थे. हर पर्व, अमावस्या और पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु सरयू में स्नान करते हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था को संरक्षित करने में हमारे नाविकों, मांझियों और निषादों का जो मजबूत योगदान होता है, वह अत्यंत अभिनंदनीय है.”
त्रेतायुग का स्मरण कराते हुए Chief Minister ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं को साथ लेकर राक्षसों के खिलाफ मोर्चाबंदी की थी, उसी प्रकार आज की इस ‘नई अयोध्या’ के निर्माण में हर वर्ग का योगदान है. उन्होंने कहा, “आज की अयोध्या साक्षात त्रेतायुग का स्मरण करा रही है. आने वाली पीढ़ियां आपके प्रति कृतज्ञ रहेंगी कि जब नई अयोध्या बन रही थी, तब हमारे पूर्वजों ने भी अपना अमूल्य योगदान दिया था.”
विकेटी/एसडी


