अनुबंध खत्म होने में एक दिन बाकी, हेलीकॉप्टर पॉलिटिक्स पर फंसे केरल सीएम सतीशन

तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर . केरल का Governmentी हेलीकॉप्टर एक बार फिर Political तूफान के केंद्र में है और इस बार फैसला Chief Minister वीडी सतीशन के हाथ में है.

पिछली एलडीएफ Government के दौरान किराए पर लिए गए इस हेलीकॉप्टर का पट्टा Saturday, 19 सितंबर को समाप्त हो रहा है.

राज्य के Police प्रमुख ने पहले ही अनुबंध बढ़ाने की सिफारिश कर दी है, जिससे Chief Minister सतीशन को यह तय करना है कि हेलीकॉप्टर उड़ान भरता रहे या अंततः बंद कर दिया जाए.

खबरों के मुताबिक, डीजीपी ने मौजूदा दर पर इसे अगले दो साल तक जारी रखने की सिफारिश की है. विडंबना स्पष्ट है.

जब पिनाराई विजयन Chief Minister थे और सतीशन विपक्ष के नेता थे, तब कांग्रेस नेता ने बार-बार हेलीकॉप्टर व्यवस्था पर हमला करते हुए सवाल उठाए थे कि जब राज्य वित्तीय दबावों का सामना कर रहा है, तब Governmentी हेलीकॉप्टर पर प्रति माह 80 लाख रुपए खर्च करना कितना उचित है.

2023 में, सतीशन ने हेलीकॉप्टर के मासिक किराए की आलोचना की थी, जिसमें उड़ान के निश्चित घंटे शामिल थे.

फिर Political सत्ता परिवर्तन हुआ. सतीशन Chief Minister बने और विजयन विपक्ष के नेता बने.

और जब सतीशन ने Governmentी हेलीकॉप्टर में अपनी पहली उड़ान भरी, तो वामपंथी विपक्ष ने तुरंत उन्हें विपक्ष की बेंचों से उनके ही शब्दों की याद दिला दी.

हालांकि, Chief Minister सतीशन का बचाव भी उतना ही तीखा था. चाहे वे उड़ान भरें या न भरें, Government को 19 सितंबर तक अनुबंधित मासिक किराया देना ही था.

उन्होंने तर्क दिया कि हेलीकॉप्टर पहले से ही पट्टे पर था और अनुबंधित घंटों के भीतर इसे उड़ाने का मतलब कोई अतिरिक्त खर्च नहीं था.

दूसरे शब्दों में, हेलीकॉप्टर का भुगतान पहले ही हो चुका था, इसलिए इसे उड़ाना ही चाहिए था.

अब आता है अधिक असहज पहलू. Police चाहती है कि हेलीकॉप्टर बना रहे.

डीजीपी ने आपदा राहत और अन्य आपातकालीन अभियानों सहित आपात स्थितियों के दौरान इसकी उपयोगिता का हवाला देते हुए नवीनीकरण की सिफारिश की है.

मौजूदा व्यवस्था के तहत अनुबंधित उड़ान घंटों के लिए प्रति माह 80 लाख रुपए का खर्च आता है, और निर्धारित सीमा से अधिक उड़ान भरने पर अतिरिक्त शुल्क लगता है.

इससे Chief Minister सतीशन मुश्किल में फंस गए हैं.

अगर वे अनुबंध का नवीनीकरण करते हैं, तो वामपंथी दल विपक्ष में रहते हुए उनकी उसी व्यवस्था की आलोचना का हवाला दे सकते हैं जिसे वे अब जारी रखने की अनुमति दे रहे हैं.

अगर वे इसे रद्द करते हैं, तो Police को एक समर्पित हेलीकॉप्टर के बिना काम चलाना पड़ेगा और आपात स्थिति में Government को नए हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पड़ सकते हैं.

इसलिए, जिस हेलीकॉप्टर ने कभी Chief Minister सतीशन को विजयन के खिलाफ Political हथियार मुहैया कराया था, वही अब उनके सामने एक Political दुविधा खड़ी कर रहा है.

मौजूदा अनुबंध के तहत हेलीकॉप्टर के उड़ान घंटे भले ही समाप्त हो रहे हों, लेकिन इसका Political प्रभाव अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है.

एमएस/

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