
New Delhi, 24 अगस्त . सावन के महीने में अयोध्या के तरुन इलाके के अर्पित मैरिज लॉन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह के दौरान मछली की दावत को लेकर विवाद खड़ा हो गया. कार्यक्रम में मछली पकाए जाने का एक वीडियो सामने आने के बाद भाजपा और एनडीए के नेताओं ने आलोचना करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी.
अजय राय के स्वागत समारोह के दौरान आयोजित मछली दावत पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने से कहा, “वे खुद को हिंदू बताने की कोशिश कर रहे हैं, इसीलिए वे अयोध्या जाते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि यह सावन का महीना है. सावन के दौरान मांस और मछली से दूर रहना चाहिए. लहसुन और प्याज से भी दूर रहना चाहिए, लेकिन ये नए तरह के सनातनी हैं, जो दिखावे के लिए सनातन का काम करना चाहते हैं, दिखावे के लिए मंदिर जाते हैं, लेकिन सनातन परंपराओं का पालन नहीं करते हैं.”
अजय राय पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “पवित्र श्रावण मास में अयोध्या में मछली दावत देना मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है. सनातन के प्रति असहिष्णुता, अराजकता और उदंडता के जरिए खुद को सेक्ल्युरिज्म का सियासी सूरमा साबित करने में लगे हुए हैं, इससे उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा.”
यूपी Government के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “अयोध्या धाम भगवान श्री राम की जन्मभूमि है और दुनिया भर के लोगों की आस्था इससे जुड़ी है. कांग्रेस नेताओं को खुद यह समझना चाहिए कि ऐसे धार्मिक शहर में अगर हो सके तो, किसी का स्वागत मांसाहारी भोजन से करने से बचना चाहिए. किसी का स्वागत करने के और भी कई तरीके हो सकते हैं.”
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “यह बहुत दुखद है. अयोध्या धाम हमारा पवित्र स्थल है, यह भगवान राम लला का निवास स्थान है और वहां इस तरह की दावत का आयोजन, वह भी सावन के महीने में यह कांग्रेस की संस्कृति को दर्शाता है.”
अजय राय के मछली दावत पर मंत्री संजय निषाद ने कहा, “कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि ऐसा क्यों? वे मंदिरों में भी जाएंगे और मछली भी खाएंगे. हमारा कहना है कि निषाद सर्वाहारी है. वे गरीब और विस्थापित हैं. मछली खाना उनकी परंपरा है, वे हमेशा मछली खाएंगे. असल मुद्दा यह है कि निषाद गरीब क्यों हैं और वे अशिक्षित क्यों हैं? कांग्रेस जाल फेंककर और मछली खिलाकर निषादों को फंसाना चाहती है.”
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने बार-बार भगवान राम के प्रति अपनी भावनाएं जाहिर की हैं. अजय राय बार-बार इस तरह की राजनीति करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.”
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ओपी/एएस