
Lucknow, 23 सितंबर . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister अखिलेश यादव ने Wednesday को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए है. अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर अब Political दल ही नहीं बल्कि जनता के बीच भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि आखिर चुनाव आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के सदस्यों को अपने फैसलों पर असहमति दर्ज कराने के बावजूद सुनवाई नहीं मिलती है तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर निर्वाचन आयोग किस तरह काम कर रहा है. उनके मुताबिक, चुनाव आयोग का ऐसा व्यवहार लोकतंत्र के लिए घातक है और इससे देश में हुए चुनावों तथा उनसे बनी Governmentों की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि आयोग के भीतर ही उसके सदस्यों के बीच फैसलों को लेकर गंभीर मतभेद सामने आ रहे हैं तो यह सामान्य स्थिति नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सत्ता की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं और सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस चुनाव के दौरान सपा के समर्थन वाले मतदाताओं को चिह्नित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए.
उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस संबंध में हलफनामे के साथ शिकायत भी की लेकिन किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों के दौरान भी सपा ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे. अखिलेश के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से यह सवाल और गंभीर होता है कि आखिर चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही किसकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में ऐसे लोगों के हस्ताक्षर बनाए गए जो खुद हस्ताक्षर नहीं कर सकते थे और इसके आधार पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए.
सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद भी यदि किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती है तो इससे चुनाव व्यवस्था में जनता के भरोसे पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि आज यह बात सामने आई है कि आयोग के फैसलों को उसके ही कुछ अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया. ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि चुनाव आयोग किस तरह काम कर रहा होगा. अखिलेश ने दावा किया कि इस दौरान बनी Governmentों की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है. यदि मतदाता सूची से नाम हटाने, जोड़ने या चुनावी प्रक्रिया को लेकर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने संस्था की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. अब आने वाले समय में जनता ही इसका जवाब देगी.
अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी भाजपा Government पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि Government हर स्तर पर मनमानी कर रही है और व्यवस्थाओं को तहस-नहस किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में विकास के नाम पर लोगों के घर गिराए गए और उन्हें अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला. अखिलेश ने कहा कि Samajwadi Party की Government बनने पर ऐसे लोगों को हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाएगा. उनके इस बयान की रिपोर्ट भी Wednesday को सामने आई है. राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले में जांच और आरोपपत्र को लेकर भी हाल के दिनों में मामला चर्चा में रहा है.
उत्तर प्रदेश Government ने Supreme Court को बताया है कि एसआईटी की जांच में मंदिर परिसर में संदिग्ध चोरी की कई घटनाओं के cctv रिकॉर्ड सामने आए हैं और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है. अखिलेश ने कहा कि Government को संविधान, नियम, लोगों के अधिकार और सम्मान की परवाह नहीं है.
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विकेटी/पीएम