Sunday , 11 April 2021

[वीडियो] रोशनी से पेंटिंग: स्मार्ट-ISO प्रो कैसे खींचता है बिलकुल जीवंत HDR तस्वीरें

हर दिन हम जिन दृश्यों और भू-भागों से रूबरू होते हैं, उन्हें उसी जीवंतता के साथ अपने स्मार्टफोन के कैमरे में कैद करना कई चुनौतियां पेश कर सकता है. कभी-कभी, तस्वीरें आंखों से दिख रहे दृश्यों की तुलना में अलग हो सकती हैः छायादार जगहें ज्यादा अंधेरे में दिख सकती हैं, आसमान का कैनवस ज़्यादा दिखने लगता है और वास्तविक दृश्य को खूबसूरत (Surat)ी के नए आयाम देने वाली बारीकियां कहीं छिप जाती हैं.

 

दृश्य के सबसे ज़्यादा रोशन और सबसे ज़्यादा अंधकारमय हिस्सों को इंगित करने वाला डायनेमिक रेंज आपके स्मार्टफोन की तस्वीरों को आकर्षक बनाने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है. लेकिन सच यही है कि आज के दौर में भी जो सर्वश्रेष्ठ डिजिटल कैमरे मौजूद हैं, उनके डायनेमिक रेंज भी इंसानी आंखों से मुकाबला नहीं कर सकते.

 

स्मार्टफोन कैमरों के डायनेमिक रेंज को अधिकतम स्तर तक ले जाने के लिए सैमसंग के इंजीनियरों ने मोबाइल ईमेज सेंसर के लिए एक इनोवेटिव हाई डायनेमिक रेंज (HDR) सॉल्यूशन विकसित किया है- स्मार्ट-ISO प्रो.

ईमेज सेंसर कैसे पकड़ते हैं रोशनी

यह समझने के लिए कि स्मार्ट—ISO प्रो कैसे डायनेमिक और स्पष्ट तस्वीरें तैयार करता है, पहले यह समझना आवश्यक है कि ईमेज सेंसर कैसे रोशनी को पकड़ते हैं और कैसे सेंसर की रोशनी से जुड़ी संवेदनशीलता काम करती है.

 

 

 

डिजिटल फोटोग्राफी में कंवर्जन गेन ही ईमेज सेंसर की लाइट सेंसिटिविटी (रोशनी के प्रति संवेदनशीलता) तय करता है और यही लाइट को वोल्टेज में बदलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यदि कम रोशनी में शूट किया जा रहा हो, तो कंवर्जन गेन कम होने पर दृश्य की बारीकियां तस्वीर में गायब हो सकती हैं. इससे उलट, बहुत रोशन माहौल में यदि कंवर्जन गेन बहुत ज़्यादा है तो हो सकता है कि ईमेज सेंसर रंगों की जानकारियों को सही तरीके से तस्वीरों में नहीं डाल सके.

 

ज़्यादातर मोबाइल ईमेज सेंसर में एक निश्चित कंवर्जन गेन होता है. इस कारण स्मार्टफोन से अलग-अलग रोशनी के वातावरण में लगातार उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें खींच पाना एक चुनौतीपूर्ण काम होता है. यह समस्या वैसे माहौल में और ज़्यादा जटिल हो जाती है, जहां अलग-अलग तीव्रता की कई लाइटें हों, जैसे पृष्ठभूमि में लाइट के साथ कोई पोर्ट्रेट.

प्रो-ग्रेड फोटोग्राफी, अब हुई आसान

यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्मार्टफोन कैमरे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में भी साफ तस्वीरें खींच सकें, सैमसंग ने अपने ईमेज सेंसर्स के लिए स्मार्ट-ISO टेक्नोलॉजी विकसित की है. यह सॉल्यूशन ईमेज सेंसर को हाई और लो ISO मोड के दो स्तरों में कंवर्जन गेन से लैस करता है, जो माहौल के आधार पर सर्वश्रेष्ठ सेटिंग को चुनने में कैमरे की मदद करता है.

 

जब रोशनी कम होती है, तब हाई ISO मोड छायेदार जगह पर मौजूद बारीकियों को उभारने और बेवजह की चीजों का प्रदर्शन कम करने के लिए उच्चतर कंवर्जन गेन के साथ रोशनी को वोल्टेज में बदलता है. लो ISO मोड भी हर एक पिक्सेल की क्षमता को बढ़ाता है ताकि ओवरसैचुरेशन को रोक कर शॉट के रोशन भागों में कलर रिप्रोडक्शन को उन्नत किया जा सके.

 

स्मार्ट-ISO के विकास के बाद सैमसंग के इंजीनियरों ने डायनेमिक रेंज को और बेहतर बनाने के लिए एक ही ईमेज सेंसर में कंवर्जन गेन के दोनों स्तरों को जोड़ने के तरीकों की खोज शुरू की. इसी का नतीजा है स्मार्ट-ISO प्रो, एक ऐसा HDR सॉल्यूशन जो ईमेज सेंसर को हाई और लो, दोनों ISO मोड के फायदों के साथ एक सिंगल HDR फोटो खींचने में सक्षम बनाता है.

 

जब स्मार्टफोन कैमरा फोटो लेता है, तब स्मार्ट-ISO प्रो सबसे पहले दृश्य की लाइट इंफॉर्मेशन को क्रमशः हाई और लो, दोनों ISO मोड में वोल्टेज सिग्नल में बदलता है. उसके बाद, यह तकनीक बहुत सलीके से दोनों ही मोड के परिणामों को एक साथ लाकर उच्च डायनेमिक रेंज के साथ फाइनल तस्वीर तैयार करती है. यह ईमेज सेंसर को दृश्य के अंधेरे हिस्सों की बारीकियों को उभारने में, हाईलाइट हिस्सों में कुदरती रंगों को बनाए रखने में और आखिरकार एक बेहतरीन और वास्तविकता के बिलकुल करीब तस्वीर निकालने में सक्षम बनाता है.

 

रंगों की बौछार

स्मार्ट-ISO प्रो टेक्नोलॉजी की ताकत कंट्रास्टिंग लाइट और छायादार क्षेत्रों को सटीकता से तस्वीर में कैद करने से भी और आगे जाती है. 12-बिट कलर डेप्थ सपोर्ट के साथ यह तकनीक कलर रिप्रोडक्शन में भी बेजोड़ बारीकी का प्रदर्शन करती है. ईमेज सेंसर में पिक्सेल बाइनरी डिजिट, जिन्हें बिट भी कहा जाता है, के माध्यम से रंगों की सूचना को रिकॉर्ड करते हैं. प्रति पिक्सेल बिट्स की संख्या जितनी ज़्यादा होगी, सेंसर उतना ही ज़्यादा रंग निखार सकेंगे.

 

दो 10-बिट तस्वीरों की सूचनाओं को एक साथ जोड़कर स्मार्ट-ISO प्रो 687 अरब रंगों से ज्यादा प्रदर्शित कर सकता है, जो एक अकेले 10-बिट ईमेज से 10 गुना (guna) ज़्यादा है. जब किसी स्मार्टफोन को प्रो मोड में शूट किया जाए, तो 12-बिट HDR ईमेज को RAW फॉर्मेट में सेव किया जा सकता है. इससे यूज़र्स को एक्सपोज़र, ह्वाइट बैलेंस, रंग और कई दूसरी बातें कम से कम रियायतों के साथ एडजस्ट करने के विकल्प हासिल हो जाते हैं.

 

स्मार्ट-ISO प्रो का सैमसंग के ISOCELL ईमेज सेंसर के साथ एकीकरण दरअसल एक और तरीका है जो प्रमाणित करता है कि किस तरह कंपनी लगातार अपने यूज़र्स को प्रो-ग्रेड मोबाइल फोटोग्राफी सॉल्यूशंस उपलब्ध करा रही है. नीचे प्रदर्शित वीडियो पर एक नज़र डालिए और देखिए कि स्मार्ट-ISO प्रो टेक्नोलॉजी किस तरह अपने प्रदर्शन पर किसी तरह का समझौता किए बिना काम करती है.

 

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