Friday , 27 November 2020

येदियुरप्पा ने लिंगायत और मराठी डेवलपमेंट बोर्ड बनाकर नई चाल चली

बेंगलुरू (Bengaluru) . कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बी एस येदियुरप्पा ने लिंगायत और मराठी डेवलपमेंट बोर्ड बनाकर नई चाल चली है. कर्नाटक (Karnataka) की महाराष्ट्र (Maharashtra) की सीमा वाले इलाकों को महाराष्ट्र (Maharashtra) से मिलने की मांग और इससे होने वाले संघर्ष को रोकने में जहां ये दोनों बोर्ड मददगार होंगे वहीं उत्तर कर्नाटक (Karnataka) का ये इलाका शांत होगा जो कि लिंगायतों का गढ़ माना जाता है.

उप मुख्यमंत्री (Chief Minister) डॉ अश्वत्थ नारायण ने कहा, ‘इन निगमों का गठन मराठी और लिंगायतों की अपेक्षाओं के अनुरूप है. लंबे अरसे से उनकी मांग को मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने पूरा किया है.’ मराठी और लिंगायतों के लिए निगमों का ऐलान हुआ तो जैन समुदाय ने भी अपने लिए एक अलग निगम बनाने की मांग कर दी. जनगणना से पहले जैन समाज जल्दी अपने तौर पर जैनियों के लिए जनगणना करने जा रहा है ताकि इस समुदाय की संख्या सही से पता चल सके.

जैन संघ के अध्यक्ष बी प्रसन्ना ने बताया, ‘बेलगावी और हुबली धारवाड़ जैसे इलाकों में आप देखें कि वहां जैन समुदाय के लोग मजदूरी और कृषि के कामों में लगे हैं. वह संपन्न नहीं हैं. ऐसे में हम भी एक निगम चाहते हैं. ब्राह्मणों के लिए भी इसकी व्यवस्था की गई है.’