Friday , 16 April 2021

यमुना में फिर बढ़ी अमोनिया की मात्रा दिल्ली के कई इलाकों में पानी की दिक्कत

नई दिल्ली (New Delhi) . यमुना नदी में अमोनिया का संकट गहरा गया है. अमोनिया की मात्रा बढ़ने से जल बोर्ड के तीन शोधन संयंत्रों से 80 फीसद तक पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है. इससे दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल किल्लत बढ़ गई है. वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि हरियाणा (Haryana) से यमुना में औद्योगिक कचरा व गंदा पानी गिराए जाने के कारण नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ी है. इस बारे में जल बोर्ड द्वारा हरियाणा (Haryana) सरकार से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. ‘

उन्होंने इस मामले में हरियाणा (Haryana) सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी और अपर यमुना रिवर बोर्ड से मामले पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने बाकायदा एक वीडियो जारी कर दिखाया कि कैसे हरियाणा (Haryana) से यमुना में बगैर शोधन के गंदा पानी गिराया जा रहा है. साफ पानी दिल्ली का हक है. दिल्ली को वैसे भी जरूरत से कम पानी मिल रहा है. उसमें भी अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कई बार जल शोधन संयंत्र बंद करने पड़ते हैं. एक दिन पहले यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा सात पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) पहुंच गई थी. यहां पर बता दें कि पिछले 2 साल के दौरान दिल्ली में यमुना के पानी में अमोनिया का यह सबसे उच्चतम स्तर है, जबकि जल शोधन संयंत्रों में 0.8 पीपीएम अमोनिया का शोधन संभव है. इस वजह से वजीराबाद व चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से पानी 50 फीसद कम हो गई. ओखला संयंत्र से भी पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है.

उन्होंने कहा कि हरियाणा (Haryana) में दो नहरों (ड्रेन नंबर एक व ड्रेन नंबर दो) से गंदा पानी यमुना में पहुंचता है. इस वजह से हरियाणा (Haryana) के खोजकीपुर गांव के पास यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर 25-40 पीपीएम पहुंच जाता है. दिल्ली में मुनक नहर, कच्ची मुनक नहर व ड्रेन नंबर आठ से हरियाणा (Haryana) से पानी आता है.’ हरियाणा (Haryana) के ड्रेन नंबर छह कई जगहों पर टूटे होने के कारण उसका गंदा पानी ड्रेन नंबर आठ में मिल जाता है. इससे दिल्ली में अमोनिया का संकट बढ़ जाता है. जल बोर्ड का कहना है कि सिविल लाइन, हिंदू राव अस्पताल और इसके आसपास के इलाके, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, नई दिल्ली (New Delhi) नगर पालिका परिषद के इलाके, ओल्ड और न्यू राजेन्द्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी के आसपास के इलाके, कालका जी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रह्लादपुर दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, माडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी, दिल्ली कैंट और दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में पयेजल प्रभावित होगी. पेयजल किल्लत होने पर लोग जल बोर्ड के केंद्रीय काल सेंटर (1916) पर काल कर सकते हैं.

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