तियानजिन, 31 अगस्त . चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने Sunday को तियानजिन गेस्ट हाउस में तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन से मुलाकात की. एर्दोआन 2025 शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन आए हैं.
मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और तुर्किए दोनों ही उभरती हुई शक्तियां और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण मेंबर हैं, और दोनों ही स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की भावना रखते हैं. चीन-तुर्किए संबंधों के उच्च-स्तरीय विकास को बनाए रखना दोनों देशों के मूलभूत हितों और ग्लोबल साउथ के साझा हितों के अनुकूल है. दोनों देशों को शांति, विकास और सहयोग बनाए रखना चाहिए, राष्ट्रीय समृद्धि के पथ पर पारस्परिक सफलता प्राप्त करनी चाहिए. चीन-तुर्किए रणनीतिक सहयोग संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहिए, और न्यायसंगत एवं समतापूर्ण वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना चाहिए.
शी जिनपिंग ने कहा कि अगले साल चीन और तुर्किए के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ है, और दोनों पक्षों को इस अवसर का उपयोग द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए करना चाहिए. सबसे पहले, उन्हें राजनीतिक आपसी विश्वास को मजबूत करना चाहिए, एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए, और आतंकवाद-रोधी एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि दूसरा, उन्हें व्यावहारिक सहयोग को गहरा करना चाहिए, बेल्ट एंड रोड पहल और मिडिल कॉरिडोर पहल के बीच तालमेल को मजबूत करना चाहिए, चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस के दक्षिणी मार्ग के विकास को बढ़ावा देना चाहिए, अर्थव्यवस्था, व्यापार, संस्कृति और पर्यटन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना चाहिए, और नवीन ऊर्जा, 5जी और बायोमेडिसिन में सहयोग की नई ऊंचाइयां स्थापित करनी चाहिए. तीसरा, उन्हें बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र, जी20 और शंघाई सहयोग संगठन जैसे ढांचों के भीतर घनिष्ठ समन्वय स्थापित करना चाहिए, ताकि संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और नियमों को बनाए रखा जा सके, अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की रक्षा की जा सके, और विश्व शांति और स्थिरता में योगदान दिया जा सके.
इस पर एर्दोआन ने कहा कि तुर्किए चीन के साथ संबंधों के विकास को बहुत महत्व देता है और चीन के साथ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को मजबूत करने, उच्च गुणवत्ता के साथ बेल्ट एंड रोड पहल का संयुक्त रूप से निर्माण करने, व्यापार और निवेश को बढ़ाने, बुनियादी ढांचे, नई ऊर्जा, कृषि और खाद्य, और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग को मजबूत करने और शिक्षा, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए तैयार है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर मजबूत विकास को बढ़ावा दिया जा सके.
उन्होंने कहा कि तुर्किए एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करेगा. शंघाई सहयोग संगठन अपनी स्थापना के बाद से अपना सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन आयोजित करने वाला है. तुर्किए इस क्षेत्र और दुनिया में विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए चीन के साथ एससीओ के भीतर सहयोग को मजबूत करने को तैयार है. तुर्किए मध्य पूर्व मुद्दे पर चीन की निष्पक्ष स्थिति की सराहना करता है और अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता एवं न्याय को बनाए रखने के लिए चीन के साथ काम करने को तैयार है.
–
डीकेपी/