Saturday , 6 June 2020
चैत्र नवरात्र : माँ कालरात्रि के पूजन से विघ्न बाधाओं का नाश

चैत्र नवरात्र : माँ कालरात्रि के पूजन से विघ्न बाधाओं का नाश


जबलपुर, . कोरोना (Corona virus) को लेकर शहर में लगे कफर््यू के कारण नगर और उपनगरीय क्षेत्रों के देवी मंदिरों में सन्नाटा सा नजर आ रहा है जो इसके पहले कभी नहीं देखा गया. जहां नवरात्र पर आकर्षक विद्युत साज-सज्जा से सजे देवी दरबारों में भक्तों की भीड़ उमड़ती थी. शहर की सडक़ों में श्रद्धालुओं का काफिला मातारानी के दर्शनार्थ उमड़ता दिखाई देता था, आज नगर क्या पूरे देश में ऐसे हालात हैं कि सडक़ें सूनी-सूनी नजर आ रही है यही हाल श्ािक्तपीठों का भी है. लोग वासंतेय नवरात्र पर घर ही पूजन पाठ में तल्लीन नजर आ रहे हैं. चैत्र नवरात्र की आज मंगलवार (Tuesday) को सप्तमी तिथि है और आज माता के सातवें स्वरूप कालरात्रि का पूजन किया जाएगा.

माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है. वे सदैव शुभ फल देने वाली शक्ति हैं. इस कारण इनका नाम शुभकारी भी है. नवरात्र के सातवें दिन इनकी पूजा का विधान है. माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करती हैं और भक्तों की रक्षा करती हैं. इनकी आराधना से नवग्रहों की पीड़ा से छुटकारा मिलता है, मुकदमें में विजय मिलती है तथा कीर्ति का उजाला फैलता है. साथ ही समस्त विघ्न बाधाओं का नाश होता है. ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे के अनुसार आज के दिन 8 वर्ष की कन्या का पूजन करें तथा उन्हें उपहार में शिक्षा सम्बंधी वस्तुयें देना उत्तम माना गया है. इन्हें खजूर, नारियल, मखाने का भोग लगाना चाहिए. पुष्पों में माँ को गेंदा, लाल गुलाब, जासौन, चंपा अर्पित करें.

कालीधाम में जड़ी-बूटियों का हवन

कोराना वायरस महामारी के नाश के लिए भटौली स्थित कालीधाम में दण्डी स्वामी कालिकांनद सरस्वती प्यारेनंद महाराज तीन पंडितों के साथ दुर्गा सप्तशती का निरंतर पाठ के साथ जड़ी बूटियों से हवन कर रहे हें इसके साथ ही ग्राम भटौली ग्वारीघाट में गुरबेल, चिरायता, नीम की पत्ती, काली मिर्च, लौंग, सोंठ, अदरक व लेड़ीपीपर का 60 लीटर काढ़ा बनाकर विगत दिवस पूरे गांव में वितरित किया गया. इसके सेवन से 6 माह तक बुखार व अन्य बीमारियां नहीं होंगी. कालीधाम में चैत्र नवरात्र पर मंदिर के पुजारियों द्वारा पूजन पाठ तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान नित्य आयोजित किए जा रहे हैं.