Thursday , 3 December 2020

ATM से कैश निकालने ने एक नया रिकॉर्ड बना, औसतन करीब 5000 रुपये निकाल रहे लोग

नई दिल्ली (New Delhi) . एटीएम से कैश निकालने ने एक नया रिकॉर्ड बन गया है. एक बार में भारत के लोग औसतन करीब 5000 रुपये निकाल रहे हैं. अगस्त के महीने में लोगों ने एक बार में एटीएम से औसतन 4959 रुपये की निकासी की. अगस्त महीने में लोगों ने अपने डेबिट कार्ड से करीब 26 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी की, जो जीडीपी का 12 फीसदी है. इतना ही नहीं डिजिटल पेमेंट में ग्रोथ भी हुई है, यूपीआई ट्रांजेक्शन ने भी 2 अरब रुपयों का आंकड़ा छू लिया है, लेकिन फिर भी बाजार में कैश का ही जलवा है. अगर पिछले साल नवंबर से तुलना करें, तब एटीएम कैश विदड्रॉल में करीब 10 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. वहीं यूपीआई भुगतान में भी करीब 20 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. एटीएम प्लेयर्स का रहना है कि लॉकडाउन (Lockdown) में शुरुआती महीनों में एक अस्थाई शांति देखने को मिली, लेकिन उसके बाद विदड्रॉल फिर से कोरोना से पहले की स्थिति तक जा पहुंचे.

बाजार जानकार कहते हैं कि कैश भारत की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है और एटीएम की बदौलत लोगों को कैश का आसान एक्सेस भी मिल रहा है. कोरोना के बाद देश भर में लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से मार्च के आखिर में और अप्रैल-मई में कैश विदड्रॉल में बड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन जून के महीने से कैश विदड्रॉल फिर से बढ़ना शुरू हो गया.’ पिछले करीब 3 महीनों का डेटा अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन एटीएम और पीओएस मशीन टर्मिल्स ऑपरेटर बीटीआई पेमेंट के सीईओ कहते हैं कि इस बार कैश विदड्रॉल पिछली बार की दिवाली की तुलना में काफी अधिक रहेगा, क्योंकि लोग गिफ्ट और मिठाइयों के लिए इस सीजन में घरों से निकले है. कैश विदड्रॉल बढ़ने की एक बड़ी वजह यह भी हो सकती है कि लोग कोरोना काल में किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपने पास कुछ कैश जमा कर के रख रहे हैं.