Thursday , 3 December 2020

सर्दियों की दस्तक के साथ ही वागड़ में पसरा परिंदों का कलरव

उदयपुर. दक्षिण राजस्थान (Rajasthan) में परिंदों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे वागड़ नेचर क्लब का ‘एक्सप्लोरिंग बर्ड्स’ कार्यक्रम शुरू हो गया है. कार्यक्रम के तहत गुरुवार (Thursday) को क्लब सदस्यों द्वारा सागवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के जलाशयों में बर्डवॉचिंग करते हुए पक्षियों के संबंध में डेटा का संग्रहण किया गया.

तितली विशेषज्ञ व क्लब के सदस्य मुकेश पंवार व जय शर्मा ने आज उदयपुर (Udaipur)के जनसंपर्क उपनिदेशक व वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर डॉ. कमलेश शर्मा व अन्य सदस्यों के साथ उपखण्ड क्षेत्र के वणोरी तालाब व गमरेश्वर तालाब पर बर्डवॉचिंग करते हुए स्थानीय व प्रवासी पक्षियों की संख्या, पक्षियों के प्रजनन और जैव विविधता की उपस्थिति पर जानकारी संकलित की.

पंवार ने बताया कि दोनों तालाबों पर अभी प्रवासी पक्षियों का आगमन नहीं हुआ है वहीं वणोरी तालाब पर बड़ी संख्या में कूट्स, विसलिंग डक्स, व्हाईट ब्रेस्टेड हेन, ग्रेब्स के साथ कॉमन कूक्कु की फिडिंग को देखा गया. इसी प्रकार गमरेश्वर तालाब पर दोनों हेरनरी में बड़ी संख्या में डूंगरपुर (Dungarpur) जिले के आईकन बर्ड पेंटेड स्टॉर्क्स, व्हाईट आईबिस और कॉर्मोरेंट के प्रजनन देखा गया. यहां पर इनके घौंसलों में अण्डे, चिक्स भी नज़र आ रहे हैं वहीं कई पेंटेड स्टॉर्क्स अभी भी घौंसलें बनाते देखे गए. क्लब सदस्यों ने तालाब मंे बेतहाशा पसरी जलकुंभी के कारण जलीय पक्षियों की अनुपस्थिति पर भी चिंता जताई.