Friday , 25 June 2021

मप्र में वायरलेस और वायरलाइन उपभोक्ता बढे

भोपाल (Bhopal) . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में बीते जनवरी महीने में वायरलेस और वायरलाइन उपभोक्ताओं की संख्या में उछाल आया है. मप्र में 5.40 लाख वायरलेस यानी मोबाइल उपभोक्ता बढ़ गए, जबकि वायरलाइन (लैंडलाइन) उपभोक्ताओं की संख्या में 11 हजार की बढ़ोतरी हुई. इसके साथ-साथ 71 हजार उपभोक्ता ऐसे रहे, जिन्होंने अपने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए आवेदन दिए. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राइ) ने जनवरी-2021 की मासिक रिपोर्ट जारी कर दी है. इस रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर-2020 से जनवरी-2021 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में बड़ा अंतर नजर आएगा.

दरअसल, वर्क फ्रॉम होम एवं शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन तरीके से संचालित होने के कारण नवंबर-20 तक मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 7.67 करोड़ तक पहुंच गई थी, लेकिन दिसंबर-20 से अधिकांश कॉरपोरेट दफ्तरों की कार्यप्रणाली या फिर शैक्षणिक गतिविधियों में पुन: बदलाव होने लगे. वर्क फ्रॉम होम हटा तो वहीं बड़ी कक्षाएं स्कूलों में ही संचालित होने लगी. इस कारण दिसंबर में करीब 10 लाख उपभोक्ता कम हो गए थे, लेकिन जनवरी में आंकड़ा फिर बढ़ गया. एक ही माह में पांच लाख 40 हजार 449 उपभोक्ता बढ़े हैं. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल (Bhopal) (मैनिट) में इलेक्ट्रॉनिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धीरज अग्रवाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के अधिकांश कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू किया था. इसलिए मोबाइल कनेक्शन बढ़ गए थे.

शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन तरीके से कराई गई थीं. यह भी एक बड़ी वजह रही. लोगों को घरों पर इंटरनेट की जरूरत पड़ी, इसलिए लैंडलाइन कनेक्शन कनेक्‍शन की संख्‍या में इजाफा हुआ. आने वाले माह में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है. जानकारों की मानें तो लैंडलाइन कनेक्शन बढ़ने की एक बड़ी वजह वर्क फ्रॉम होम सिस्टम का चलन है. लैंडलाइन कनेक्शन के जरिए उपभोक्ता इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं. इसलिए लैंडलाइन कनेक्शन का आंकड़ा बढ़ गया है.

Please share this news