बीजिंग, 5 अप्रैल . चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 3 अप्रैल को राजधानी पेइचिंग के फंगथाई जिले स्थित योंगतिंग नदी के किनारे सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों के साथ स्वैच्छिक वृक्षारोपण किया. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद शी चिनफिंग ने लगातार 13 सालों से पेइचिंग में स्वैच्छिक वृक्षारोपण के कार्यक्रम में भाग लिया है.
इस मौके पर शी चिनफिंग ने कहा कि वनरोपण पारिस्थितिकी सभ्यता के निर्माण का महत्वपूर्ण भाग है. विभिन्न क्षेत्रों और विभिन्न विभागों को सक्रियता से व्यापक लोगों को प्रोत्साहन देना होगा. चीन के व्यापक सरकारी कर्मचारियों ने शी चिनफिंग के भाषण की प्रशंसा की.
पेइचिंग के फंगथाई जिले के कर्मचारी छ्येन छंग ने कहा कि स्वैच्छिक वृक्षारोपण के कार्यक्रम में शी चिनफिंग के नेतृत्व में हमने कई प्रकार के पेड़ लगाए. शी चिनफिंग पारिस्थितिकी पर बड़ा ध्यान देते हैं. वे व्यावहारिक कार्यों से हरियाली का विस्तार, हरियाली का विकास और हरियाली की रक्षा करने के लिए हमें प्रेरित करते हैं.
शी चिनफिंग की पारिस्थितिकी सभ्यता की विचारधारा के निर्देश में चीन में पारिस्थितिक पर्यावरण के संरक्षण में ऐतिहासिक, महत्वपूर्ण और व्यापक परिवर्तन हुए हैं. अब चीन में 25 प्रतिशत से अधिक भूभाग हरियाली है. दुनिया के नए हरित क्षेत्रों में चीन ने लगभग 25 प्रतिशत का योगदान दिया है.
शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश के हथ्येन क्षेत्र की छले काउंटी के वानिकी और चरागाह ब्यूरो के प्रमुख मुख्तार मैसेदी ने कहा कि शी चिनफिंग के प्रोत्साहन में शिनच्यांग के तकलीमाकन रेगिस्तान में 3,046 किलोमीटर लंबी हरी रेत बाधा बेल्ट का निर्माण किया गया है, जो तकलीमाकन रेगिस्तान के हरे दुपट्टे की तरह दिखती है.
वहीं, शी चिनफिंग ने कहा कि हरित चीन के निर्माण में हरियाली का विस्तार, हरियाली का विकास और हरियाली की रक्षा करने के साथ वन जलाशय, धन भंडार, अनाज भंडार और कार्बन भंडार का साथ में विकास बढ़ाना होगा.
व्यापक सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों ने कहा कि हरियाली बढ़ाने का मतलब लाभ बढ़ाना है, वहीं पेड़ लगाने का मतलब भविष्य का रोपण करना है. उन्होंने वनरोपण और हरियाली में सक्रियता से भाग लेने की इच्छा जताई.
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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