नई दिल्ली, 3 दिसंबर . बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन से जुड़े संत चिन्मय दास की गिरफ्तारी के मामले में भारतीय जनता पार्टी नेता शाहनवाज हुसैन ने देश के मुस्लिम संगठनों की लानत-मलानत की है.
उन्होंने से बात करते हुए कहा, “बांग्लादेश में जिस तरह अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ जुल्म और ज्यादती हो रही है. उन पर जुल्म की सभी सीमाएं पार कर दी गईं. उस पर भारत सरकार की पूरी नजर है. लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहा है, धार्मिक स्थल जलाए जा रहे हैं, धर्म गुरुओं को मारा-पीटा जा रहा है, उस पर मुस्लिम संगठनों के लोग चुप हैं. शाहनवाज ने कहा, अगर फिलिस्तीन या ईरान में मुस्लिमों के साथ कुछ होता है, तो ये लोग प्रदर्शन करते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, वे मारे-काटे जा रहे हैं, लेकिन उलेमाओं की जुबान खुल ही नहीं रही है. वह कुछ बोल ही नहीं रहे हैं. पूरी दुनिया में अल्पसंख्यकों को कैसे रखा जाता है, उसके लिए आदर्श देश भारत है. अल्पसंख्यकों के लिए भारत से अच्छा कोई देश नहीं हो सकता. बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की क्या हालत कर दी गई. पूरे मुस्लिम समुदाय को खुलकर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर मार्च निकालना चाहिए.”
संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा पर उन्होंने कहा, “संभल में जो हिंसा हुई, वह दुखद है. भड़काने वाले भी बहुत हैं. संभल में माहौल बिगाड़ने वाले भी हैं. अब स्थिति सही हो रही है, लेकिन अखिलेश यादव अपने बयानों से वहां आग लगाना चाहते हैं. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी संभल में राजनीतिक रोटी सेंकना चाहती है. वहां अमन-चैन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव कोशिश कर रही है.”
इसके बाद उन्होंने नोएडा के प्रेरणा स्थल पर धरना दे रहे किसानों पर कहा, “किसानों से बातचीत जारी है. किसानों के बीच दिल्ली की तरफ कूच करने की बात कहकर जो गलतफहमी पैदा की गई, वह सही नहीं है. किसानों के प्रति हमारी सरकार बहुत जागरूक है.”
उन्होंने कुरान शरीफ की बेअदबी के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश यादव को दो साल की सजा मिलने के मामले में कहा, “आम आदमी पार्टी की हकीकत सामने आ गई कि ये लोग कितनी घटिया राजनीति करते हैं. कुरान शरीफ के पन्ने फड़वाने में आम आदमी पार्टी का नेता शामिल है. नरेश यादव की गिरफ्तारी हुई. उनको पूरे मुल्क के मुसलमानों से माफी मांगनी चाहिए. कुरान शरीफ का अपमान कभी नहीं बर्दाश्त किया जा सकता. हमारी पार्टी ने हर समय कहा है कि सभी धार्मिक ग्रंथों का सम्मान होना चाहिए.”
–
पीएसएम/