Thursday , 3 December 2020

जो भी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाएगा उससे हिंसा से ही निपटा जाएगा : दिलीप घोष

कोलकाता (Kolkata) . पश्चिम बंगाल (West Bengal) भाजपा के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा है कि जो भी उन्हें या उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाएगा उससे हिंसा से ही निपटा जाएगा. फिर चाहे वो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)ों के लिए भेजे गए केंद्रीय बल ही क्यों ना हों.

घोष ने एक समाचार चैनल को बताया, “वे मेरी कार को निशाना बनाएंगे, वे मेरे कार्यकर्ताओं के हाथ और पैर तोड़ देंगे, वे उन्हें लिंच करेंगे – क्या हमें उन्हें चाय परोसनी चाहिए? हमने यह कहने के लिए कोई कागज़ नहीं दिया है कि हम खड़े होकर पिटाई करेंगे.” उन्होंने कहा, “हम कुछ वातानुकूलित कमरे से नहीं बोल रहे हैं. हम जमीन पर लड़ रहे हैं. 120 कार्यकर्ताओं ने अपना बलिदान दिया है,” यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ने हिंसा का समर्थन किया, उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि भाजपा किसी को पीटेगी. मैंने कहा कि केंद्रीय बल जो यहां आते हैं वो किसी को भी पीट देंगे जो समस्या पैदा करेगा.”

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सरकार से पूछिए कि हर दिन बम विस्फोट क्यों होते हैं? राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या (Murder) क्यों की जाती है? क्या एक भी व्यक्ति को दंडित किया गया है?” इस महीने की शुरुआत में दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी के समर्थकों को एक विवादास्पद चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उन्हें अपने तरीके से संभलना चाहिए या वे अपने हाथ और पैर टूट जाने का जोखिम उठा सकते हैं और यहां तक कि मारे भी जा सकते हैं. घोष ने हल्दिया में एक रैली में कहा कि “दीदी के भाई, जो परेशानी पैदा कर रहे हैं, उन्हें अगले छह महीनों में अपनी आदतें बदल लेनी चाहिए अन्यथा आपके हाथ, पैर, पसली और सिर टूट जाएगा. आपको अस्पताल की यात्रा करनी होगी.

और यदि आप इससे अधिक करते हैं, तब आपको श्मशान जाना पड़ेगा.”पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल और बीजेपी के बीच कड़वी प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई है. राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) होना है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक हिंसा और एक-दूसरे के समर्थकों पर हमले करने के आरोप लगाए हैं.मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी ने शुक्रवार (Friday) को कहा कि कुछ लोग चुनाव से पहले राज्य में आते हैं और लंबे-चौड़े वादे करके लौट जाते हैं, लेकिन वह पूरे समय जनता के साथ खड़ी रहती हैं. शहर में एक छठ पूजा समारोह का उद्घाटन करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार चुनावों के दौरान केवल भाषण देने में भरोसा नहीं करती. पिछले कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल (West Bengal) आए भाजपा के केंद्रीय नेताओं का नाम लिये बगैर बनर्जी ने कहा, ‘‘कुछ लोग हैं जो केवल चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान राज्य में आते हैं. वे लंबे-चौड़े भाषण देते हैं और उसके बाद लौट जाते हैं. उनके उलट हम पूरे साल, हर हाल में जनता के साथ रहते हैं.’