कौन है वो लड़की ? जिसके लिए इजरायल ने हजारों फिलिस्तीनियों को गाजा जाने से रोका

तेल अवीव, 26 जनवरी, . इजरायल ने हजारों विस्थापित फिलिस्तीनियों के अपने घर लौटने से रोक दिया है. शनिवार रात से बढ़ी संख्या में गाजावासी सड़कों पर उतर आए हैं और गाजा जाने का इंतजार कर रहे हैं. घर जाने की कोशिश में कर रहे एक फिलिस्तीनी युवक इजरायली बलों ने गोली मार कर हत्या कर दी जबकि कुछ अन्य लोग घायल हो गए

यह पूरा विवाद दरअसल इजरायली नागरिक अर्बेल येहुद की रिहाई को लेकर पैदा हुआ. शनिवार को जब दूसरी बार कैदियों की अदला बदला हुई तो लगा कि घटनाक्रम युद्धविराम समझौते की शर्तों के मुताबिक ही घट रहा है लेकिन अचानक इजरायल की एक घोषणा ने सबकुछ बदल दिया.

हमास ने शनिवार को चार इजरायली महिला सैनिकों को रिहा किया, बदले में इजरायल ने 200 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया.

इसके बाद इजरायल ने ऐलान किया कि वह गाजावासियों को उत्तरी गाजा पट्टी में तब तक प्रवेश नहीं करने देगा, जब तक कि नागरिक अर्बेल येहुद की रिहाई के लिए व्यवस्था नहीं हो जाती.

मीडिया रिपोर्ट के मतुाबिक येहुद को शनिवार की रिहाई सूची में शामिल किया जाना था. यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उसका नाम क्यों छोड़ दिया गया. वहीं हमास ने दावा किया कि येहूद जीवित है और उसे अगले शनिवार को रिहा किया जाएगा.

इजरायल के अनुसार, हमास ने सभी जीवित नागरिक महिला बंदियों से पहले महिला बंधक सैनिकों को रिहा करके समझौते का उल्लंघन किया है.

29 वर्षीय येहुद को उसके प्रेमी एरियल क्यूनियो के साथ 7 अक्टूबर, 2023 को हमास हमले के दौरान किबुत्ज नीर ओज स्थित घर से बंधक बना लिया था. उसके भाई, डोलेव येहुद की भी हत्या कर दी गई थी हालांकि लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि उसे भी बंधक बनाया गया है लेकिन बाद में डोलेव के अवशेषों की पहचान हो गई.

इजरायली मीडिया के मुताबिक हमास ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने मध्यस्थों को सूचित किया है कि इजरायली नागरिक बंधक अर्बेल येहुद जीवित है. फिलिस्तीनी ग्रुप ने उसकी रिहाई के लिए सभी आवश्यक गारंटी दी है.”

हमास ने कहा कि वह मध्यस्थों के साथ इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों को उत्तरी गाजा में लौटने की अनुमति देने से इनकार करने पर चर्चा कर रहा है. फिलिस्तीनी ग्रुप के मुताबिक इजरायल की कार्रवाई ‘युद्धविराम समझौते का उल्लंघन और उल्लंघन है.’

मध्यस्थ कतर और मिस्र के मध्यस्थ सैकड़ों हजारों फिलिस्तीनियों को उत्तर की ओर वापस लौटने की अनुमति दिलाने की कोशिश में लगे हुए हैं.

गाजा युद्धविराम समझौते के तहत फिलिस्तीनियों को उत्तरी गाजा में वापस जाने की अनुमति दी जानी थी. युद्ध की शुरुआत में उनमें से 1 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो गए थे.

19 जनवरी को युद्ध विराम लागू होने के बाद से दो बार कैदियों की अदला-बदली हो चुकी है. पहले आदान-प्रदान में तीन महिला इजरायली बंधकों और 90 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था.

समझौते की शर्तों के तहत, इजरायल ने युद्धविराम के पहले चरण के दौरान गाजा में बंद प्रत्येक इजरायली सैनिक के बदले 50 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने और किसी भी अन्य महिला बंदी के बदले 30 कैदियों को रिहा करने पर सहमति जाहिर की है.

एमके/