Thursday , 24 June 2021

हल्दी वाला दूध कहां से पिये लोग

जबलपुर, 25 मार्च . शहर में लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद आमजन 60 रुपये लीटर के भाव से दूध खरीदने मजबूर है. शहर में दूध का बेतहाशा उत्पादन हो रहा है और लॉकडाउन (Lockdown) से उपजे हालातों के चलते दूध की खपत का दायरा अन्य उत्पादों लस्सी व दही व पनीर में भी सिमटा है. इसके बावजूद मंहगा दूध खरीदना जनता की मजबूरी बन गई है. इधर आयुष मंत्रालय ने इम्यूनिटी बढ़ाने की जो एडवायजरी जारी की है. उसमें हल्दी वाले दूध को रोगाणुनाशक व रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने में मददगार होने के कारण उसे पीने की सलाह आमजनों को दी है. चूंकि दूध 60 रुपये बिक रहा है तो जनता हल्दी वाला दूध कैसे पिये. इस पर सवाल उठता है. हर बार गर्मी के मौसम में दूधिए प्रशासन के सामने अपनी मजबूरी बताकर दूध के दाम बढ़ा देते हैं.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से शहर की चौतरफा सीमाबंदी के कारण दूध फिलहाल बाहर भी नहीं जा रहा है. इससे सवाल उठता है कि इतना सारा दूध आखिर जा कहां रहा है. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान न तो शहर में चाय के टपरे खुल रहे हैं और न ही होटल, रेस्तरां में न तो मिठाई बन रही है और तो और शादी विवाह जैसे सामूहिक आयोजन पर भी विराम लगा है फिर इतना दूध जा कहां रहा है. गर्मी के दिनों में शहर से नागपुर के लिए दूध का निर्यात होता है. जहां दूध से आइस्क्रीम बनाई जाती है. हालांकि लॉकडाउन (Lockdown) के चलते यह काम भी ठप्प पड़ा है. इसी तरह सांची के उत्पादन संयंत्र में भी दूध के भरपूर उत्पादन के बावजूद दूध के अन्य उत्पाद नहीं बनाये जा रहे हैं.

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