Friday , 14 May 2021

हम शांति चाहते हैं पर आत्मसम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं करेगा भारत, राजनाथ सिंह की चीन को चेतावनी

एकतरफा कार्रवाई का देंगे मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच पड़ोसी मुल्क चीन को फिर से चेताया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखता है, लेकिन देश के आत्मसम्मान पर किसी भी तरह की चोट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारत चीन की विस्तारवादी नीति का जवाब देगा.

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘नरम होने का मतलब यह कतई नहीं है कि कोई भी हमारे गौरव पर हमला कर सकता है और हम चुपचाप बैठकर देखेंगे. भारत अपने स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी चीज़ को बर्दाश्त नहीं करेगा. भारत अपने गौरव से समझौता कभी नहीं करेगा’. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘चीन के साथ सीमा विवाद से भारत जिस तरह से निपटा है, उसने साबित किया है कि भारत कमजोर नहीं है. यह नया भारत है जो सीमा पर उल्लंघन, आक्रामकता तथा किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दे सकता है.’

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘चीन के साथ लद्दाख सीमा पर जारी विवाद का अभी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बनी हुई है. इस बीच चीन के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है, जल्द ही सैन्य लेवल की एक और चर्चा होनी है. हालांकि, अभी तक जो भी चर्चा हुई है उसका कोई नतीजा नहीं निकला है, लेकिन वो भी सही नहीं है.’ रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं दोहराना चाहता हूं कि हम संघर्ष नहीं शांति चाहते हैं, लेकिन देश के आत्मसम्मान पर किसी भी तरह की चोट को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ उन्होंने कहा कि देश किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

देश की सुरक्षा के सवाल पर रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं पिछली सरकारों पर सवाल नहीं उठाना चाहता, लेकिन मैं कह सकता हूं कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कार्यभाल संभाला है, राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता रही है. हम अपने सुरक्षाबलों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं.’ राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान सीमाओं पर छिटपुट संघर्षों को अंजाम दे रहा है. उन्होंने कहा कि चार युद्धों में भारत से पराजित होने के बावजूद पड़ोसी देश आतंकवाद के जरिए ‘छद्म युद्ध’ छेड़ रहा है, लेकिन सैन्य बल और पुलिस (Police) आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को न केवल सीमाओं और समुद्रों, बल्कि अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए उसे तैयार रहने की आवश्यकता है.

 

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