लखनऊ, 2 अप्रैल . लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) ने IPL 2025 के अपने पहले दो मैच घर के बाहर खेलते हुए बड़े स्कोर बनाए, जिसमें एक मैच में उन्हें करीबी मुकाबले से हार मिली. लेकिन मंगलवार को जब वह अपने घर में खेलने उतरे तो “20-25” रन कम रह गए. टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि उनकी टीम अभी भी परिस्थितियों का आकलन कर रही है और एक टीम के तौर पर उन्हें एक बेहतर संयोजन की तलाश है.
एलएसजी 7 विकेट के नुकसान पर 171 का स्कोर ही बना पाई और जवाब में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) ने आठ विकेट शेष रहते 16.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया.
पंत ने मैच के बाद कहा, “निश्चित तौर पर टोटल पर्याप्त नहीं था. हमने 20-25 रन कम बनाए लेकिन यह खेल का हिस्सा है. यह हमारा पहला होम गेम था इसलिए हम परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं.”
एलएसजी एक धीमी पिच का सोचकर आई थी लेकिन श्रेयस अय्यर द्वारा पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद उन्होंने पांचवें ओवर में ही महज 35 के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. पंत लगातार तीसरी बार विफल रहे और वह पांच गेंदों का सामना करते हुए दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए. पहले छह ओवर में एलएसजी स्कोरबोर्ड पर मात्र 39 रन ही जोड़ पाई जो कि इस आईपीएल में अब तक उनके द्वारा पावरप्ले में बनाया गया सबसे कम स्कोर है.
पंत ने कहा, “जब आप जल्दी विकेट गंवा देते हैं तो ज़ाहिर तौर पर एक बड़ा स्कोर बनाना कठिन होता है लेकिन हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती.”
लक्ष्य का बचाव करने उतरी एलएसजी ने पावरप्ले में तीन ओवर स्पिनर से कराए, जिसमें दो ओवर दिग्वेश राठी और एक ओवर रवि बिश्नोई ने किया. इस उम्मीद में विकेट का धीमापन उन्हें सफलता दिलाएगा लेकिन सिर्फ राठी को ही सफलता मिली जब उन्होंने प्रियांश आर्य को पवेलियन का रास्ता दिखाया जबकि प्रभसिमरन सिंह ने बिश्नोई के ओवर में 15 रन बटोर लिए.
पंत ने कहा, “हमें लगा कि एक धीमी विकेट मिलेगी, स्टंप की लाइन में धीमी गेंद करने पर गेंद फंस कर आ रही थी लेकिन यह पर्याप्त नहीं था. हम इस मुकाबले से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे.”
प्रभसिमरन द्वारा 34 गेंदों पर 69 रनों की पारी के बाद श्रेयस ने 30 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाए और अपनी टीम को लगातार दूसरी जीत दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. नेहाल वढ़ेरा जो कि 25 गेंदों पर 43 रन बनाकर दूसरे छोर पर मौजूद रहे उन्होंने पीबीकेएस के इस प्रदर्शन का पूरा श्रेय श्रेयस की नेतृत्व क्षमता को दिया.
वढ़ेरा ने कहा, “सारा श्रेय उन्हें जाता है जिस तरह से वह कप्तानी कर रहे हैं और हमारा आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं. वह मुझे अपना नैचुरल गेम खेलने की सलाह दे रहे थे और मुझे इसी तरह खेलने में अच्छा लगता है.”
वढ़ेरा को युजवेंद्र चहल की जगह इम्पैक्ट सब के तौर पर इस्तेमाल किया गया था और उन्होंने कहा कि जब वह मैच के लिए मैदान में आए थे तो उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह खेलेंगे. वढ़ेरा ने बताया कि वह सिर्फ एक ही किट के साथ मैदान पहुंचे थे. दो सीजन तक मुंबई इंडियंस के दल का हिस्सा रह चुके वढ़ेरा अब एक नए कप्तान और कोच के अंडर में खेल रहे हैं.
वढ़ेरा ने कहा, “मैंने जिनके अंडर काम किया है वह (रिकी पोंटिंग) सर्वश्रेष्ठ कोचों में से एक हैं. उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मैंने उनके मुंह से एक बार भी कोई नकारात्मक बात नहीं सुनी है. वह सिर्फ सकारात्मक बात करते हैं और जब एक कोच आपसे सिर्फ सकारात्मक चर्चा करता है तो इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.”
–
आरआर/