Sunday , 12 July 2020
झील में पानी घटा, 12वीं सदी में बसा इटली का गांव निकला, लोग बोले- ‘घोस्ट विलेज’

झील में पानी घटा, 12वीं सदी में बसा इटली का गांव निकला, लोग बोले- ‘घोस्ट विलेज’


रोम . कोरोनाकाल में इटली की एक झील में पानी घटने के बाद डूब चुका एक पूरा गांव नज़र आने लगा है. ये गांव 12वीं सदी में बसाया गया था और इसमें लोहे का काम करने वाले लोग रहते थे. इस टस्कन गांव की तस्वीरें सोशल मीडिया (Media) पर काफी वायरल हो रहीं हैं, जानकारों के मुताबिक करीब 26 साल पहले भी पानी कम होने के चलते ये नज़र आने लगा था. इलाके के लोग इस गांव के नज़र आने को अपशकुन भी मानते हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक जानकारों का कहना है कि इस गांव को इस वैली में 12वीं शताब्दी के आसपास बसाया गया था. इटली के इस इलाके में लोग इस गांव को ‘घोस्ट विलेज’ कहते हैं और इसके नज़र आने को अपशकुन भी माना जाता है. हालांकि ये सब सिर्फ अंध-विश्वास ही है. इटैलियन वेबसाइट के मुताबिक साल 1947 तक ये गांव आबाद था और बेहद कम लेकिन लोहे का काम करने वाले लोग यहां रहा करते थे. ये बांध किसी प्राकृतिक आपदा में नहीं बल्कि पास ही एक बांध बनाए जाने के चलते डूबा था. मिली जानकारी के मुताबिक इसे डूबने से पहले ही खाली करा लिया गया था.

इटली की मीडिया (Media) के मुताबिक फेब्रिक डी क्रेजिन नाम के बांध में कुछ काम चल रहा है जिसके चलते झील में पानी कम किया गया है. इटली के आर्कियोलोजिकल सर्वे के मुताबिक ये लेक प्राकृतिक नहीं है बल्कि बांध बनाने के चलते अस्तित्व में आई है. आस-पास के लोग इस गांव से जुड़ी कई कहानियां सुनाते हैं और इसके नज़र आने को अपशकुन के तौर पर भी देखा जाता है. उनके मुताबिक जब बांध बनाया गया था तो इस गांव को जबरदस्ती खाली कराया गया था तभी से ये गांव मनहूस माना जाने लगा है.

मिली जानकारी के मुताबिक आखिरी बार साल 1994 में झील में पानी कम होने पर ये गांव नज़र आने अलग था. शहर के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछली बार जब ये नजर आया था तो देश भर से करीब 10 लाख लोग इसे देखने के लिए आए थे. इस बांध का रखरखाव करने वाली कंपनी एनेल ने बताया-इस गांव का नज़र आना असामान्य बात नहीं है. फिलहाल बांध में कुछ काम चल रहा है और इस साल ये गांव नज़र आने लगा है आने वाले साल में ये और ज्यादा नज़र आने लगेगा.