वक्फ संशोधन बिल जरूरी, सभी के लिए काम कर रहे पीएम मोदी : इकबाल सिंह लालपुरा

नई दिल्ली, 2 अप्रैल . ‘वक्फ संशोधन बिल’ बुधवार को लोकसभा में पेश हुआ. भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों ने व्हिप जारी किया. देश के कई संगठन और आयोग बिल का समर्थन कर रहे हैं. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने बुधवार को न्यूज एजेंसी से बात करते हुए ‘वक्फ संशोधन बिल’ को सही बताया और दावा किया कि इससे मुस्लिम समुदाय के लोगों को कोई नुकसान नहीं होगा.

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने ‘वक्फ संशोधन बिल’ का समर्थन करते हुए कहा, “सदन में जो भी बिल पेश किया जाता है, वह समाज और देश के हित के लिए होता है. वक्फ पर जेपीसी (संयुक्त संसदीय कमेटी) बनी, जिसमें खुलकर चर्चा हुई. चर्चा के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया कि गरीब, पसमांदा और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए वक्फ की संपत्ति है और उन्हें लाभ पहुंचना चाहिए. ऐसे में यह बिल लोगों की मदद करने के लिए है, न कि किसी का नुकसान करने के लिए. सभी को यह समझना चाहिए.”

मुस्लिम समाज को देश का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा, “जो बिल समाज के हित के लिए होता है, वह देश के हित के लिए भी होता है. देश में इस्लाम धर्म को मानने वालों की संख्या बहुत अधिक है. इन लोगों ने देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं और अभी भी सम्मान के साथ रह रहे हैं. मुस्लिम समाज ने देश को राष्ट्रपति भी दिया है. कई मंत्री भी बने हैं, इन्होंने हर क्षेत्र में तरक्की की है. यह उनका अपना देश है. इनको मजबूती मिले, वक्फ का सही इस्तेमाल हो, इसके लिए सरकार काम कर रही है. मुसलमान देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.”

मोदी सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “देश की आजादी के बाद 1978 में अल्पसंख्यक आयोग बना था. पहले की सरकार डराने वाली सरकार थी. वे लोग आज भी चाहते हैं कि मुस्लिम समाज को डराकर अपने पास रखा जाए. जबकि देश के प्रधानमंत्री और हम सबका मानना है कि हम सभी एक हैं. हम गंगा-जमुना तहजीब को मानने वाले लोग हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “वक्फ की प्रॉपर्टी जरूरतमंद के काम आए, इसलिए इस बिल को लाया गया है. बिल पास होने के बाद वक्फ की प्रॉपर्टी का सही ढंग से इस्तेमाल किया जा सकेगा. मोदी सरकार काम करने वाली सरकार है. जब से सत्ता में आए हैं, काम किया है. गंगा-जमुना तहजीब के देश में सबका बराबर हक है और पीएम मोदी सभी के लिए काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने सभी धर्म के लोगों के लिए काम किया है, चाहे वे मुस्लिम, सिख, बौद्ध या फारसी समाज के लोग हों.”

एससीएच/केआर