संभल, 28 फरवरी . इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रमजान से पहले उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई की इजाजत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि साफ-सफाई की जा सकती है. कोर्ट के इस फैसले को लेकर जहां हिंदू पक्ष खुश है, वहीं मुस्लिम पक्ष नाराज है.
हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मस्जिद में अभी रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है और मैं भी ऐसा मानता हूं कि रंगाई-पुताई से साक्ष्य मिटाए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि मस्जिद कमेटी की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मस्जिद में रंगाई-पुताई कराने की इजाजत मांगी गई थी. इसे लेकर हाई कोर्ट ने एएसआई से रिपोर्ट पेश करने को कहा था. एएसआई ने शुक्रवार को अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि मस्जिद की पेंटिंग स्थिति में कोई सुधार की आवश्यकता नहीं है.
इसके बाद कोर्ट ने एएसआई की निगरानी में मस्जिद की सफाई कराने का आदेश दिया. हालांकि, मस्जिद कमेटी को इस रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करने के लिए 4 मार्च 2025 तक का समय दिया गया है. साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले में 4 मार्च को फिर से सुनवाई करेगा.
ज्ञात हो कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से सिविल सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट में दावा किया गया कि संभल की शाही जामा मस्जिद श्री हरिहर मंदिर है.
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डीकेएम/एकेजे